स्वाइन फ्लू व चोटीकटवा की खबरें एक जैसी yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मीडिया स्वाइन फ्लू की बीमारी का हौवा ज्यादा खड़ा कर रहा है। किसी को  छींक भी आ जाए तो कहते हैं स्वाइन फ्लू हो गया है। यह बीमारी उतनी भयंकर नहीं है जितना बड़ा हौवा खड़ा कर दिया गया है। इसे लेकर भय पैदा कर दिया गया है। यह बिल्कुल उसी तरह है जैसी चोटीकटवा आने की खबर है।
मीडिया को बीमारियों के बारे में जागरूक करने वाले कार्यक्रम दिखाने चाहिए। उन्होंने अपने साथ घटी एक घटना का जिक्र किया। कहा, जब मैं एसजीपीजीआई गया तो लोगों ने कहा कोई भी छींकेगा तो स्वाइन फ्लू हो जाएगा। जब डॉक्टर ने कहा कि आपको स्वाइन फ्लू न हो इसके लिए एक इंजेक्शन देना होगा। तब मैंने कहा, मुझे इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। ये उन्हें दीजिए जो इसका हौवा खड़ा करते हैं।

मुख्यमंत्री सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में डॉ. सतीश चंद्र राय की मूर्ति का अनावरण कर रहे थे। कार्यक्रम में छात्रावास का नाम डॉ. राय के नाम पर रखा गया। सीएम ने कहा, जब स्वास्थ्य का क्षेत्र केवल व्यावसायिक हो जाएगा और लाभ-हानि से जुड़ जाएगा तो यह कभी अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर सकेगा। इसलिए जब भी कोई छात्र एमबीबीएस करे तो उसे एक साल तक ग्रामीण इलाकों की पीएचसी में जरूर भेजना चाहिए।

एक वर्ष बाद जब वे वापस आएंगे तो उनमें आम आदमी के प्रति संवेदना बढ़ेगी। डॉक्टरी की पढ़ाई में जनता का काफी पैसा खर्च होता है। यह यूपी की 22 करोड़ जनता के टैक्स का पैसा है। ऐसे में जब सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने के बाद डॉक्टर दूसरे प्रदेशों में चले जाते हैं तो इससे जनता का पैसा बर्बाद हो जाता है।

सीएम ने कहा, जहां काम होगा तो वहां गलती जरूर होगी। लेकिन हम काम ही न करें और कहें कि देखिए कोई गलती नहीं की तो मुझे लगता है कि ऐसे लोगों की सेवाएं ही खत्म कर देनी चाहिए। काम न करने वालों को दंडित जरूर किया जाएगा।

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