SC ने लगाया बैन : दिल्ली-एनसीआर में बगैर पटाखों के मनेगी दिवाली

दिवाली पर दिल्ली और उससे सटे इलाकों में पटाखें नहीं बिकेंगे. सुप्रीम कोर्ट शहर में एक नवंबर तक इनकी बिक्री पर बैन लगाए रखने के फैसले पर कायम है। कोर्ट ने यह फैसला दिवाली के दौरान बढ़ जाने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लिया है. कोर्ट ने सितंबर में बैन हटाते हुए अपने आदेश में कहा था कि यह नवंबर से लागू होगा. साथ ही यह भी कहा था कि दिवाली के बाद बैन के प्रभाव से एयर क्वालिटी के बारे में भी पता लगेगा कि वहां कितना प्रदूषण का क्या स्तर रहता है. हर साल दिवाली पर दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, लिहाजा शहर में पटाखों की बिक्री पर बैन लगाया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने नई दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक बरकरार रखी है. अब दीवाली से पहले यहां पटाखों की बिक्री नहीं होगी. बता दें कि इस बार दिवाली 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पटाखों की बिक्री 1 नवंबर, 2017 से दोबारा शुरू हो सकेगी. इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट देखना चाहता है कि पटाखों के कारण प्रदूषण पर कितना असर पड़ता है.गौरतलब हो कि पिछले साल भी कुछ बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट में पटाखा बैन को लेकर अर्जी डाली थी. सुप्रीम कोर्ट में तीन बच्चों की ओर से दाखिल एक याचिका में दशहरे और दीवाली पर पटाखे जलाने पर पाबंदी लगाने की मांग की गई थी.

अपनी तरह की यह अनूठी याचिका दाखिल करने वाले इन बच्चों की उम्र 6 से 14 महीने के बीच थी. बता दें कि ये पहला मामला है जब ऐसा हुआ है कि बच्चे पटाखा बैन करने के लिए कोर्ट के दरवाजे पर जा पहुंचे.

शर्तों के साथ बिकेंगे पटाखे?

  • अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो
  • ध्वनि प्रदूषण मानकों का पालन हो
  • नो नॉइस ज़ोन यानी अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, कोर्ट आदि के 100 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर पाबंदी का प्रशासन पालन करवाए
  • पटाखों की रिटेल बिक्री के अस्थायी लाइसेंस पिछले साल के मुकाबले आधे किए जाएं
  • बड़े कारोबारियों को मिले स्थायी लाइसेंस पर रोक हटी. इस साल दिवाली में हुए प्रदूषण के आधार पर दोबारा समीक्षा होगी
  • पटाखा कारोबारी बाहर से पटाखा न मंगाएं. दिल्ली-एनसीआर में लाखों टन पटाखे का स्टॉक है. ये पर्याप्त है
  • बड़े लाइसेंस धारक 2018 में इस साल के मुकाबले आधे पटाखे बेचेंगे. हर साल ये इजाज़त घटाई जाएगी. अगर इस पर एतराज़ हो तो 30 दिन में याचिका डालें
  • एल्युमिनियम, सल्फर, पोटेशियम, बैरियम वाले पटाखे बेचे जा सकते हैं. बहुत हानिकारक माने गए पदार्थ का इस्तेमाल करने वाले पटाखे न बेचे जाएं
  • दिल्ली सरकार और एनसीआर वाले शहरों की राज्य सरकारें 15 दिन के भीतर स्कूलों में बच्चों को पटाखों के हानिकारक असर पर जागरूक करने वाला अभियान चलाएं
  • विज्ञापन और दूसरे तरीकों से लोगों को भी जागरूक किया जाए
  • सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड एक विशेषज्ञ कमिटी बना कर पर्यावरण पर पटाखों से नुकसान की समीक्षा करे. 31 दिसंबर तक रिपोर्ट दे
  • सरकार लोगों को सामूहिक रूप से पटाखे चलाने की व्यवस्था बनाने पर विचार करे
SHARE