इस वजह से महिलाएं का खास पर्व है हरियाली तीज, जानें कारण

सुहागिन महिलाओं का सबसे पावन पर्व हरियाली तीज बुधवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर में कई जगह भव्य समारोह की तैयारी शुरू हो गई है। सावन के महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज मनाया जाता है। लोग इसे हरियाली तीज और कजली तीज भी कहते हैं। यह पर्व श्रावण शुक्ल तृतीया पराविद्घा तिथि को मनाया जाता है जो इस बार 26 जुलाई को पड़ रही है। इसे मां पार्वती के भगवान शिव से मिलन की याद में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन ही विरहग्नि में व्यथित देवी गौरां देवाधिदेव शिव से मिली थीं तथा आलिंगनबद्घ होकर प्रसन्नता से झूम उठी थीं। इस दिन महिलायें मां पार्वती की पूजा करती हैं। बालाजी ज्योतिष संस्थान के पं. राजीव शर्मा बताते हैं कि नवविवाहिता महिलायें अपने पीहर में आकर यह त्यौहार मनाती हैं, इस दिन व्रत रखकर विशेष श्रृंगार किया जाता है, नवविवाहिता वधुयें इस पर्व को मनाने के लिए एक दिन पूर्व से अपने हाथों एवं पावों में कलात्मक ढंग से मेंहन्दी लगाती हैं, जिसे ‘मेंहन्दी-मांडणा नाम से जाना जाता है। इस पर्व पर विवाह के बाद पहला सावन आने पर नवविवाहिता लड़की को ससुराल में नहीं छोड़ा जाता है।
एक दिन पहले मनाते हैं सिंजारा हरियाली तीज से एक दिन पूर्व सिंजारा मनाया जाता है। इस दिन नवविवाहिता लड़की की ससुराल से वस्त्र, आभूषण, श्रृंगार का सामान, मेंहन्दी एवं मिठाई भेजी जाती है। इस दिन मेंहन्दी लगाने का विशेष महत्व होता है।
कैसे मनाये त्यौहार इस दिन प्रात: काल आम एवं अशोक के पत्तों सहित टहनियां पूजा के स्थान के पास स्थापित झूले को सजाते हैं तथा दिन भर उपवास रखकर भगवान श्री कृष्ण के श्रीविग्रह को झूले में रखकर श्रृद्घापूर्वक झुलाते हैं, साथ में लोक गीतों को मधुर स्वर में गाते हैं। इस दिन देवी माता पार्वती की ससज्जित सवारी धूम-धाम से निकाली जाती है।
इस तीज पर तीन बातों का तजने (त्यागने) का विधान है- 1- पति से छल-कपट 2- झूठ एवं दुर्व्यवहार 3- परनिन्दा राजस्थान के जयपुर में तीज माता की सवारी निकाली जाती है और मेला लगता है। राजस्थान में घूमर आदि विशेष नृत्य किये जाते हैं। इस दिन कलात्मकता एवं विलासिता का भोगकारी ग्रह शुक्र सांय 5:09 बजे मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। मिथुन राशि का स्वामी बुद्घ ग्रह एवं बुधवार का दिन होना बुध-शुक्र का सम्बन्ध लाभकारी रहेगा।

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