शिवपाल का मुलायम को अल्टीमेटम-बेटा चुनो या भाई!

सपा के कद्दावर नेता शिवपाल यादव ने बगावती सुर अख्तियार करते हुए समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन कर दिया है। जिसके बाद से यूपी की राजनीति में हलचल मच गई है। सभी राजनीतिक दलों से लेकर आम आदमी तक हर किसी के जहन में एक ही सवाल बार-बार उठ रहा है कि सपा सरक्षंक मुलायम सिंह यादव किसके खेमे में जाएंगे। क्या वो अपने बेटे अखिलेश यादव का साथ देंगे या अपने भाई शिवपाल की पार्टी को बढ़ाने में योगदान करेंगे? वहीं शिवपाल यादव ने भी मुलायम को इस मामले पर फैसला लेने के लिए दो दिन का समय दिया है।

सूत्रों के मुताबिक शिवपाल यादव इस बार आरपार के मूड़ में हैं। मुलायम सिंह अपनी स्थिति शुक्रवार और शनिवार तक साफ कर दें, ये संकेत भी शिवपाल दे चुके हैं। कुछ इन्हीं कारणों के चलते उन्होंने लखनऊ और सैफई छोड़ दिल्ली में डेरा डाल दिया है। हालांकि वह आज मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। सूत्रों की मानें तो मुलायम सिंह की हां-ना पर निर्भर रहने वाले एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी सैफई में चल रही है।

राजनीतिज्ञों के अनुसार अगर मुलायम अखिलेश के समर्थन में जाते हैं तो शिवपाल परिवार की डोर से मुक्त हो जाएंगे और खुलकर निर्णय लेने के लिए आज़ाद होंगे। वहीं अगर बेटे का साथ नहीं देंगे तो सपा कमजोर पड़ जाएगी और विरोधियों के हाथ अखिलेश को घेरने का नया हथियार मिल जाएगा।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में शिवपाल और अखिलेश के विवाद की वजह से सपा को इसका बुरा परिणाम भुगतना पड़ा था। वहीं अब लोकसभा चुनावों में दोबारा एेसी स्थिति का उत्पन्न होना सपा के लिए खतरे की घंटी के समान है। खैर इस विवाद का क्या नतीजा निकलता है यह आगामी चुनावों में देखना रोचक होगा।

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