24 घंटे का अल्‍टीमेटम फ‌िर जेल भरो आंदोलन, राजधानी में डटे शिक्षामित्र

सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रदद होने से नाराज प्रदेश भर से हजारों की संख्या में शिक्षा मित्रों ने सोमवार को राजधानी में अपना डेरा डाल दिया।

लक्ष्मण मेला मैदान उमड़े शिक्षा मित्रों के जन सैलाब ने अध्यादेश लाकर शिक्षक बनाये जाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। वार्ता न होने पर उन्होंने बुधवार को जेल भरो आंदोलन करने की चेतावनी दी।

सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रदद होने के बाद प्रदेश भर के शिक्षामित्र एक मंच पर आ गये हैं। समायोजित शिक्षक शिक्षामित्रा संघर्ष मोर्चा के आवाहन पर शिक्षा मित्र रविवार की रात से ही लक्ष्मण मेला मैदान में जुटना शुरू हो गये थे।

सोमवार की सुबह तक लक्ष्मण मेला मैदान में हाथों में तिरंगा लिये शिक्षा मित्रों का जन सैलाब दिखाई देने लगा। इसमें बड़ी संख्या में महिला शिक्षा मित्र भी शामिल रहीं।

शिक्षा मित्रों का नेतृत्व कर रहे जितेन्द्र शाही ने कहा कि बीती 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की ओर से शिक्षा मित्रों का समायोजन रदद करने के आदेश ने प्रदेश के एक लाख 72 हजार शिक्षा मित्रों केसामने रोजगार का संकट खड़ा कर दिया है।

उन्होंने कहा प्रदेश सरकारों की खामियों का परिणाम शिक्षामित्रों को नौकरी गवां कर भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि समायोजन रदद होने के बाद जनपद मुख्यालयों पर प्रदर्शन शुरू हुआ तो एक जुलाई को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने वार्ता कर 15 दिनों में समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कोई समाधान नही हुआ है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन के अधिकारी दो बार वार्ता कराने के लिये आये लेकिन मुख्यमंत्री से किसी से अब वार्ता संभव नही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से 24 घंटे के भीतर वार्ता न कराने पर बुधवार को जेल भरो आंदोलन करने की चेतावनी दी।

गाजी इमाम आला ने प्रदेश की भाजपा सरकार को उनका चुनावी वादा दिलाते हुये कहा कि तीन माह में शिक्षामित्रों को स्थाई रोजगार दिलाने का वादा भाजपा सरकार भूल गई है।

उन्होंने शिक्षामित्रों को 10 हजार रूपये प्रतिमाह की दस से 11 माह का मानदेय देने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र समान कार्य का समान वेतन से कम पर राजी नही होंगे।

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