यहां प्राचार्यों को नहीं पता क्या होती है एफआईआर, और जानकारी देने लगा दिया सेमिनार

यहां प्राचार्यों को नहीं पता क्या होती है एफआईआर, और जानकारी देने लगा दिया सेमिनार

विदिशा जिले ke आधे से अधिक स्कूल और कॉलेज प्राचार्यों को यह भी नहीं पता कि एफआईआर क्या होती है। यह हकीकत तब सामने आई जब एसपी विनीत कपूर ने एसएटीआई के स्मार्ट क्लासरूम में प्राचार्यों को बालिका और महिला अपराधों के संबंध में कानून का पाठ पढ़ाने क्लास लगाई।

एसपी विनीत कपूर ने बालिका और महिला अपराधों पर पावर पाइंट प्रजेंटेशन देते हुए प्राचार्यों को एफआईआर के बारे में समझाया, उन्होंने पूछा कि कितने लोगों को एफआईआर के बारे में मालूम है। इस पर आधे से भी कम प्राचार्यों ने हाथ उठाया। इस पर एसपी ने अफसोस जताया और कहा कि सबसे सुशिक्षित समाज के इस सभागार में आधे से भी ज्यादा लोगों को एफआईआर के मायने नहीं मालूम। फिर उन्होंने इसे विस्तार से समझाया। एससपी ने प्राचार्योंं और शिक्षकों से कहा कि वे स्कूल कालेज में अपने विषयों के साथ ही कानूनी प्रावधानों के बारे में भी समझाया करें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से किए जाने वाले बैड टच के बारे में कानूनन अपराधों की जानकारी सेमीनार में दी।

एसपी ने कहा कि हमारे जिले और पूरे प्रदेश में ही नाबालिगों के भागने के मामले बहुत ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में महिला अपराधों को दर्ज करने के मामलों मेें मप्र सबसे ज्यादा है। उन्होंने महिला और बालिका अपराधों से संबंधित विभिन्न धाराओं, अपराध और उस पर सजा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि लड़कियोंंं का पीछा करने पर अब १ से ३ वर्ष तक की जेल भी होती है।

इस अवसर पर कलेक्टर अनिल सुचारी ने भी पुलिस के इन प्रयासों की सराहना करते हुए प्राचार्यों से बेटियों को जागरुक करने और उनके प्रति होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने में सहयोग की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम का संचालन निरीक्षक रजनी श्रीवास्तव ने किया।

करोदिया की बेटी को मिलेगा वीरता पदक

विदिशा एसपी विनीत कपूर ने कहा है शमशाबाद तहसील के ग्राम करोदिया की निवासी और वर्धा स्कूल में पढऩे वाली एक बेटी को बहादुरी दिखाने पर उसे वीरता पदक दिया जाएगा।
एसपी ने बताया कि वर्धा स्कूल की नवीं कक्षा की छात्रा ने जनसुनवाई में शिकायत की थी कि गांव के ४ दबंग लड़के उसे स्कूल जाने से रोकते हैं। उसे स्कूल छोड़ घर बैठने को कहते थे। कहते थे कि हमारे समाज की बेटियां ही पढ़ती हैं, तुम्हारे समाज की लड़कियां स्कूल नहीं जातीं। तुम भी नहीं जाओगी। स्कूल जाओगी तो तेजाब फेंककर जला देंगे। यह बात छात्रा ने अपने पिता को बताई और एफआईआर कराने की जिद करके एसपी के पास जा पहुंची। इस पर एफआईआर ही नहीं हुई, बल्कि चारों आरोपियों को जेल पहुंचा दिया गया।
एसपी ने कलेक्टर की उपस्थिति में कहा कि उन्होंने वर्धा स्कूल की इस बेटी को कलेक्टर से वीरता पदक दिलाने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर सहित वे खुद उस छात्रा के स्कूल में जाकर उसे सम्मानित करेंगे।

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