प्रशांत भूषण : मैं लडूंगा जय शाह के खिलाफ मुकदमा

मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि वह ‘द वायर’ की ओर से जय शाह द्वारा किये जाने वाले मानहानि का मुकदमा लड़ेंगे। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से रविवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि जय शाह रपट के लेखक और ‘द वायर’ के संपादकों और मालिकों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की दीवानी और आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। इसी पर ट्वीट करते हुए भूषण ने लिखा, ”अदालत में जय शाह से उसके सुनहरे 50हजार ->80 करोड़ के ‘एग्री बिजनेस/स्‍टॉक ट्रेडिंग/विंड बिजनेस के बारे में क्रॉस एग्‍जामिन करने में मजा आएगा।” भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह के बेटे (जय शाह) के बचाव के लिए खुद रेलमंत्री पीयूष गोयल मीडिया के सामने आए। उन्‍होंने कहा, ”दुर्भावनापूर्ण तरीके से रपट के जरिए हमारे नेता अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जय शाह ने लेखक, संपादक और समाचार वेबसाइट के मालिकों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का आपराधिक और दीवानी मानहानि का मुकदमा दायर करने का निर्णय लिया है।

भूषण के इस ऐलान के बाद ट्विटर पर लोगों ने कहा कि अब इस मामले की अदालती कार्रवाई देखने को मिलेगी। चिन्‍मय ने कहा, ”द वायर के लिए स्‍टैंड लेने हेतु धन्‍यवाद। ईमानदार पत्रकारिता को जीवित रहने की जरूरत है।” तपन ने कहा, ‘सही है, बढ़‍िया मुकाबला होने वाला है।गोयल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि यह ‘पुरानी कांग्रेस शैली’ है। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि कांग्रेस भी स्पष्ट करे कि यदि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो उन्हें गांधी परिवार के लेन-देन से संबंधित न्यायमूर्ति ढींगरा आयोग की रपट को रोकने के लिए अदालत में नहीं जाना चाहिए।

गोयल ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस देश में बैंकों या एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) से ऋण लेने पर कोई रोक है। और सभी ऋण कानून के अनुसार ब्याज की व्यावसायिक दरों पर लिए गए हैं और उसके लिए जमानत भी दी गई है। एनबीएफसी से लिया गया ऋण पूरी तरह ब्याज के साथ अदा कर दिया गया है।” उन्होंने कहा कि जय शाह ने अपने सभी लेनदेन का पूरा विवरण दिया है और ‘द वायर’ के संवाददाता द्वारा पूछे गए ‘सभी सवालों के जवाब में विस्तार से दिया’ है, क्योंकि ‘उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है’।

टेम्पल एंटरप्राइज के कारोबार में 80 करोड़ रुपये की अचानक बढ़त पर गोयल ने कहा कि यह कंपनी कृषि-वस्तुओं का कारोबार कर रही थी, जिसमें ‘अधिक मात्रा और ऊंचे मूल्य तो हैं, लेकिन लाभ मार्जिन कम’ है। उन्होंने कहा, “यहां तक कि अगर आप कुछ लेनदेन करते हैं, तो मात्रा बहुत अधिक हो जाती है। कमोडिटी कारोबार में 80 करोड़ रुपये कोई बड़ा कारोबार नहीं है। उन्होंने कहा, “यह दुर्भावनापूर्ण और निंदनीय प्रयास है। हम इन सभी आधारहीन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं और जय शाह के कारोबार का भरोसा इस सच्चाई से जाहिर होता है कि उन्होंने मानहानि का मुकदमा दाखिल करने का तत्काल फैसला किया है।

सिब्बल ने कहा कि टेम्पल एंटरप्राइजेज ने 2012 से 2013 और 2013 से 2014 तक क्रमश: 6,230 रुपये और 1,724 रुपये का घाटा दर्ज किया था। लेकिन 2014 से 15 के दौरान कंपनी ने 18,000 रुपये का लाभ दिखाया। यह बात उल्लेखनीय है कि अगले वर्ष 2015 से 16 के दौरान कंपनी का कारोबार 80 करोड़ रुपये हो गया। इस मामले पर समाचार वेबसाइट, ‘द वायर’ द्वारा रिपोर्ट जारी करने के बाद कांग्रेस ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था।

सिब्बल ने कहा कि कंपनी के भाग्य में बदलाव भाजपा के एक राज्यसभा सदस्य के एक रिश्तेदार के स्वामित्व वाली आईएफएस फाइनेंशियल सर्विसिस से बगैर किसी जमानत के 15.78 करोड़ रुपये का ऋण मिलने के बाद आया। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि नोटबंदी के लाभार्थी का पता आखिरकार चल गया है। राहुल ने एक ट्वीट में कहा, “हमें आखिरकार नोटबंदी का एकमात्र लाभार्थी मिल ही गया। यह आरबीआई, गरीब या किसान नहीं है। ये नोटबंदी के शाह-इन-शाह हैं। जय अमित।”

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