PM मोदी को भाया उत्तराखंड के लाल का कमाल, भारतीय रेलवे में दिया अहम पद

उत्तराखंड के एक और लाल का कमाल प्रधानमंत्री को भा गया है। अश्वनी लोहानी के इसी कमाल को देखकर केंद्र सरकार ने उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
अश्वनी लोहानी ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। काशीपुर के अश्वनी लोहानी को केंद्र सरकार ने रेलवे बोर्ड का नया चेयरमैन बनाया है। अश्वनी को रेलवे के काबिल अफसरों में गिना जाता है।
अश्वनी लोहानी का परिवार उत्तराखंड का है। उनकी स्कूलिंग कानपुर के सेंट एलोयसिस हाई स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, जमालपुर से इंजीनियरिंग की और रेलवे में अधिकारी बन गए।
दो बड़े संस्थानों को इस रेलवे अफसर ने जिंदा कर दिया

 

लोहानी ने जब घाटे में चल रही इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन को मुनाफे में पहुंचा दिया तो सब हैरान हो गए। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने लोहानी को अपने यहां बुलाकर खस्ताहाल मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम को उबारने का जिम्मा सौंपा।
यहां भी लोहानी ने कमाल दिखाया। घाटे में दम तोड़ते दो बड़े संस्थानों को इस रेलवे अफसर ने जब जिंदा कर दिखाया तो खबर पीएम नरेंद्र मोदी तक पहुंची। उन्होंने अश्वनी को रेलवे का अफसर होने के बावजूद यूपीए सरकार में कंगाल हुए एयर इंडिया को संकट से उबारने की जिम्मेदारी दे सीएमडी बना दिया।
एक साल के भीतर अश्वनी ने दो हजार करोड़ से ज्यादा के घाटे में चल रही एयर इंडिया को 105 करोड़ के मुनाफे में पहुंचाकर नाम कमाया।

लोहानी एक मैकेनिक इंजीनियर हैं। साथ ही इंडियन स्टीम रेलवे सोसायटी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। इसके अलावा सीआईआई नेशनल टूरिज्म काउंसिल के सदस्य और चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट के फैलो भी हैं।

भारतीय रेलवे के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय में डिविजनल रेलवे मैनेजर के पद पर रहते हुए उन्होंने सीमित संसाधनों के बूते दिल्ली के तीन अहम रेलवे स्टेशनों नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन में व्यापक सुधार कार्य किए। इसके अलावा उन्होंने रेलवे के इस डिविजन में कई नए कार्यों की भी शुरुआत की।
वह‘मिस्टर टर्नअराउंड’के नाम से जाने जाते हैं। उनके पास इंजीनियरिंग की चार डिग्रियां हैं, जिसके लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। कैग अमूमन सरकार के कामकाज में मीनमेख ही निकालता है। लोहानी दिल्ली में जब डिविजनल रेलवे मैनेजर थे, तब रेलवे अकेला सरकारी विभाग था, जिसकी कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी काम की कैग ने तारीफ की थी।

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