‘गेम ऑफ अयोध्या’ का विरोध शुरू, निर्माता का हाथ काटने पर इनाम की घोषणा

बॉलीवुड फिल्म ‘पद्मावती’ के विरोध के बाद अब एक और फिल्म का विरोध शुरू हो गया है। इस फिल्म का नाम ‘गेम ऑफ अयोध्या’ है, जिसका निर्देशन सुनील सिंह ने किया है। ये फिल्म बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर आधारित है और इसे 24 नवंबर को रिलीज होना था लेकिन सेंसर बोर्ड ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी है। बोर्ड का मानना है कि इस फिल्म की वजह से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती हैं और इससे सांप्रदायिक हिंसा होने की भी आशंका है। वहीं फिल्म का विरोध करते हुए अलीगढ़ जिले के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता ने फिल्म के निर्माता का हाथ काटकर लाने वाले को इनाम देने की घोषणा कर दी है।

फिल्मा का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि फिल्म में बाबरी विध्वंस को लेकर इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है। अखिल भारतीय परिषद के नेता अमित गोस्वामी ने फिल्म का विरोध करते हुए कहा कि जो भी गेम ऑफ अयोध्या फिल्म के निर्माता का हाथ का हाथ काटकर लाएगा वह उसे एक लाख रुपये का इनाम देंगे। फिल्म का विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि फिल्म में बाबरी ढ़ांचे विध्वंस के इतिहास से छेड़छाड़ की गई है, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि उन्हें फिल्म से जुड़ी खबरें मिली हैं कि फिल्म में दिखाया गया है कि विवादास्पद ढांचा गिराने के बाद कारसेवर रामलला की मूर्ति को वहां रख रहे हैं। जो की सरासर गलत है। रामलला की मूर्ति पहले से ही वहां रखी हुई थी।

वहीं फिल्म के निर्देशक सुनील सिंह कहा कहना है कि मैंने एक प्रेम कहानी के नजर से बाबरी मस्जिद विध्वंस की असली कहानी बताने की कोशिश की है और साथ ही यह भी दिखाने का प्रयास किया कि कैसे एक पत्रकार ने उनकी मदद की। सेंसर बोर्ड ने पहले गेम ऑफ अयोध्या पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन आखिर में एफसीएटी ने इसे मंजूरी दे दी। फिल्म को एफसीएटी की पीठ के बाद सीबीएफसी ने भी यू/ए सर्टिफिकेट देने का निर्देश दे दिया था। बता दें ये फिल्म अब 8 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होनी है। निर्देशक सुनील सिंह अपनी फिल्म में एक्टिंग करते भी दिखेंगे। उनके साथ फिल्म में मकरंद देशपांडे, अभय भार्गव, अरुण बक्‍शी जैसे कलाकार नजर आएंगे

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