संघ के दबाव में आखिर नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष अरविंद पनगढ़िया का इस्तीफा

Arvind Panagariya, head of the government's main economic advisory body, poses for a picture after an interview with Reuters in New Delhi, January 18, 2016. REUTERS/Adnan Abidi

नई दिल्ली: नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है. इस बारे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन्हें 31 अगस्त से सेवाओं से मुक्त करने का आग्रह किया है.

पनगढ़िया ने कहा है कि कोलंबिया विश्वविद्यालय उनके अवकाश को बढ़ाने को तैयार नहीं है. इस वजह से वह नीति आयोग ज़िम्मेदारी नहीं संभाल सकते. रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के बाद पनगढ़िया दूसरा बड़ा नाम है जो भारत में एक शीर्ष पद को छोड़कर अमेरिका में अध्यापन के पेशे में लौट रहा है.

भारतीय अमेरिकी मूल के अर्थशास्त्री और कोलंबिया विश्वविद्यालय में भारतीय राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पनगढ़िया नीति आयोग के जनवरी, 2015 में पहले उपाध्यक्ष बने थे.

उस समय योजना आयोग को समाप्त कर नीति आयोग बनाया गया था. नीति आयोग से पहले योजना आयोग में आमतौर पर परंपरा थी कि उपाध्यक्ष का पद प्रधानमंत्री के साथ-साथ चलता है. प्रधानमंत्री आयोग के अध्यक्ष होते हैं.

पनगढ़िया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कोलंबिया विश्वविद्यालय उन्हें अवकाश का विस्तार देने को तैयार नहीं है. ऐसे में वह 31 अगस्त को नीति आयोग से निकल जाएंगे.

पनगढ़िया ने बताया कि करीब दो महीने पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 31 अगस्त तक नीति आयोग के कार्यभार से मुक्त करने का आग्रह किया था.

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