मात्र छह सेकेंड में 10.20 लाख लूटकर फरार हो गए बदमाश, पता था किस बैग में हैं ज्यादा धन

लखनऊ के अलीगंज में नेहरू बाल वाटिका के पास स्थित एचडीएफसी बैंक के गेट पर सोमवार सुबह करीब सवा दस बजे तंबाकू के डिस्ट्रीब्यूटर जीवन रस्तोगी के कर्मचारी से बदमाशों ने 10.20 लाख रुपये लूट लिए। वारदात उस वक्त हुई जब कारोबारी बेटा और कर्मचारियों के साथ 17 लाख रुपये जमा कराने पहुंचा। दो बैग लिए चालक और कारोबारी का बेटा बैंक के अंदर दाखिल हो गए। पर जैसे ही तीसरी बैग लिए कर्मचारी अंदर जा रहा था कि सफेद रंग की बाइक से आए दो बदमाशों ने उसे तमंचा दिखाकर बैग छीन लिया। महज छह सेकंड में वारदात अंजाम देकर बदमाश फरार हो गए

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महानगर सेक्टर-सी के रहने वाले कृष्ण जीवन रस्तोगी शनिवार व रविवार को बैंक बंद रहने के चलते दो दिन की वसूली की रकम करीब 17 लाख रुपये जमा कराने दो कारों से सुबह 10 बजे घर से निकले। उनके साथ बेटा सचिन, चालक संजीव नाथ शुक्ला और कर्मचारी विजय शंकर द्विवेदी था। जिस बैग में सबसे ज्यादा रकम थी उसे कर्मचारी विजय रस्तोगी लिए था।

सचिन और संजीव तो बैंक में दाखिल हो गए पर विजय जैसे ही बैंक के गेट के पास पहुंचा पीछे से हेलमेट लगाए बदमाश ने उसे धक्का दिया और 10.20 लाख रुपये से भरा बैग छीनकर भागने लगा। विजय ने विरोध किया तो बदमाश ने तमंचा निकाल लिया। इस बीच सड़क पर बाइक स्टार्ट किए हुए खड़ा था। बाइक पर बैठकर दोनों निरालानगर ओवरब्रिज की ओर भाग निकले। इनका पीछा करते हुए कुछ दूर तक बैंक के गार्ड और विजय दौड़े, लेकिन थोड़ी देर बाद बदमाश ओझल हो गए।

बदमाशों को पता था किस बैग में ज्यादा रकम
बदमाशों ने सबसे ज्यादा रकम वाले बैग को ही टारगेट क्यों किया, क्या उन्हें पता था कि उसी बैग में सबसे ज्यादा रकम है। बहरहाल एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि जिस तरीके से वारदात अंजाम दी गई उससे साफ है कि बदमाशों को पल-पल की खबर थी। संभव है कि कारोबारी के एजेंसी के किसी कर्मचारी की मिलीभगत हो। उसने ही पुख्ता सूचना दी हो।

सवालों के घेरे में बैंक की सुरक्षा
बैंक पर गार्ड तो तैनात था पर उसके पास कोई असलहा नहीं था। अगर असलहा होता तो शायद बदमाश लूट की हिमाकत न करते।

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