नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से नाराज भाजपा सांसद ने दिया इस्तीफा, कांग्रेस में जाने की अटकलें

नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से नाराज भाजपा सांसद ने दिया इस्तीफा, कांग्रेस में जाने की अटकलें
भाजपा नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से नाराज भाजपा सांसद नाना पटोले ने शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पटोले का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब शनिवार को गुजरात में पहले चरण का मतदान होना है।
इस्तीफे के बाद पटोले ने दिल्ली में कांग्रेस नेता मोहन प्रकाश से मुलाकात की। ऐसे में लोकसभा सदस्यता से इस्तीफे के बाद उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि पिछले दिनों पटोले की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल से भी मुलाकात हुई थी।

एनसीपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल को हराने वाले पटोले की नाराजगी का बड़ा कारण पटेल की भाजपा से बढ़ती नजदीकियां हैं। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी उनकी नाराजगी जगजाहिर है। पटोले हाल ही पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के महाराष्ट्र में हुए किसान आंदोलन में भी शामिल हुए थे।

महाराष्ट्र के भंडारा गोंदिया लोकसभा सीट से सांसद पटोले ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को एक लाइन का इस्तीफा भेजकर तत्काल सदस्यता समाप्त करने को कहा है। पटोले ने सीधे तौर पर मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया है। उनकी नाराजगी की वजह किसानों की उपेक्षा भी है।

पटोले का आरोप है कि मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सामने किसानों के मुद्दे उठाए थे, जिसे नहीं सुना गया। किसानों की आत्महत्याओं में 43 फीसदी बढ़ोत्तरी, किसानों को उपज का सही दाम न मिलना, दो करोड़ रोजगार का वादा पूरा न होना, जीएसटी, नोटबंदी, आरक्षण और बैंकों में निर्धारित राशि से कम जमा पर गरीबों को पड़ने वाली पेनाल्टी को लेकर भी उन्होंने अपनी नाराजगी जताई थी।

प्रफुल्ल पटेल की भाजपा से नजदीकियां रास नहीं आ रही थीं
दरअसल प्रफुल्ल पटेल की भाजपा से बढ़ती नजदीकियां पटोले को रास नहीं आ रही थी। गुजरात में राज्यसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से प्रफुल्ल पटेल ने भाजपा का समर्थन किया और एनसीपी विधायक का वोट भाजपा के खाते में डलवाया उससे भाजपा नेताओं की नजर में पटेल अधिक महत्वपूर्ण हो गए थे और पटोले को स्थानीय राजनीति में इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा था।
राज्यसभा चुनाव में प्रफुल्ल पटेल के भाजपा की मदद के कारण ही कांग्रेस ने गुजरात विधानसभा चुनाव में एनसीपी से समझौता नहीं किया।

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