‘खाना नहीं देते मम्मी-पापा, पानी में थूक मिलाकर पिलाते हैं, बच्ची की दर्दनाक आपबीती

'खाना नहीं देते मम्मी-पापा, पानी में थूक मिलाकर पिलाते हैं, बच्ची की दर्दनाक आपबीती
मम्मी-पापा खाने को नहीं देते, पानी में थूक मिलाकर पिलाते हैं। कभी-कभी मेरे मुंह को तकिये से दबा देते थे, मासूम बच्ची की आपबीती रुला देगी आपको। मामला हरियाणा के फतेहाबाद का है। टोहाना में गोद ली हुई एक बेटी पर अत्याचार करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
बाल कल्याण समिति की काउंसिलिंग के बाद पुलिस को दी गई शिकायत में बच्ची ने गोद लेने वाले मां-बाप पर काफी दर्दनाक आरोप लगाए हैं। काउंसिलिंग के बाद बाल कल्याण समिति की सदस्या वीना भ्याना की शिकायत पर टोहाना पुलिस ने गोद लेने वाले दंपति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्ची को टोहाना निवासी कश्मीर एवं सीमा पाहवा ने दस साल पहले गोद लिया गया था और कुछ समय बाद उसकी पत्नी सीमा पाहवा की मौत हो गई थी।

इसके बाद कश्मीर ने दूसरी शादी कर ली और दूसरी पत्नी के पहले से दो बेटे थे। शादी के बाद से कश्मीर और उसकी पत्नी ने उस पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। बाल कल्याण समिति की सदस्या वीना भ्याना के अनुसार बच्ची ने काउंसिलिंग में बताया है कि उसे भरपेट खाना नहीं दिया जाता था, पीने के पानी में थूक मिलाकर पिलाया जाता था। इसके अलावा कई बार उसे मुंह को तकिये से दबाया गया। बच्ची के अनुसार वो उस घर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रही थी।

पड़ोस के लोगों से बच्ची की असली मां को बताया सच
बच्ची पर अत्याचार

बच्ची की असली मां निवासी आदमपुर ने बाल कल्याण समिति को शिकायत पत्र देकर बताया था कि उन्होंने इंसानियत के नाम 13 अगस्त 2007 को टोहाना की निसंतान दंपति कश्मीर और सीमा पाहवा को अपनी नाबालिग बेटी को गोद दे दिया था। बताया कि उसे बच्ची के कुछ पड़ोसियों से पता चला कि उसकी बच्ची के साथ कश्मीर और उसकी दूसरी पत्नी बहुत अत्याचार कर रही हैं।

मां ने बाल कल्याण समिति को पत्र लिखकर अपनी बच्ची वापस दिलवाने की मांग की थी। शिकायत के बाद बाल कल्याण समिति की सदस्य वीना भ्याना ने बच्ची की काउंसिलिंग की। काउंसिलिंग में बच्ची ने भी अपने ऊपर हुए अत्याचार को बताया। बच्ची ने बताया कि उससे मारपीट की जाती थी, घर का काम करवाया जाता था और अगर कोई गलती हो जाती तो उसे सजा दी जाती थी।

बच्ची ने यह भी बताया कि वह दोबारा टोहाना नहीं जाना चाहती है और अपने असली मां बाप के साथ रहना चाहती है। बाल कल्याण समिति ने अपनी रिपोर्ट बनाकर पुलिस को केस दर्ज की सिफारिश की। जिसके बाद पुलिस ने बाल कल्याण समिति की सदस्य वीना याना की शिकायत पर कश्मीर व उसकी पत्नी सुनीता पर केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।

बच्ची की काउंसिलिंग के दौरान उस पर हुए अत्याचारों के बारे में विस्तार से पता चला। बच्ची ने अब अपने असली मां-बाप के पास जाने की मांग की है और टोहाना में रहने से इंकार कर दिया है।
– वीना भ्याना, सदस्या, बाल कल्याण समिति

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