MAX अस्पताल ने दो नवजात बच्चों को मृत घोषित किया, लेकिन एक बच्चा जिंदा निकला, बाद में तोड़ा दम

MAX अस्पताल ने दो नवजात बच्चों को मृत घोषित किया, लेकिन एक बच्चा जिंदा निकला, बाद में तोड़ा दम

देश की राजधानी दिल्ली के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल की लापरवाही का दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है. दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल ने दो जुड़वा नवजात बच्चों को मृत घोषित कर दिया था. अस्पताल ने प्लास्टिक के बैग में लेपटकर जब दोनों नवजात बच्चों को परिजनों को सौंपा तो घर ले जाते वक्त बच्चे ने पैर हिलाना शुरू कर दिया. इसके बाद बच्चे को फौरन पास के नर्सिंग अस्पताल में भर्ती किया गया. जहां दोनों बच्चों को मृत घोषित किया.

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने इस मामले कहा है कि, ‘यह हैरान कर देने वाली घटना है, हमने इस मामले की जांच के आदेश दिए है, इस मामले में कानूनी सलाह के साथ-साथ दिल्ली मेडिकल काउंसिल की भी राय लेंगे. सभी जानकारियों और परिस्थितियों के बाद हम इस विषय पर सही एक्शन ले सकेंगे.’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव से बात की है.

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही एक बड़े प्राइवेट अस्पताल की लापरवाही का मामला गुरुग्राम में भी देखने को मिला था. डेंगू से पीडि़त सात साल की बच्‍ची को गुरुग्राम के फोर्टिस अस्‍पताल में भर्ती कराया गया. करीब 15 दिनों तक उसका इलाज हुआ लेकिन अंत में उसको बचाया नहीं जा सका. अस्‍पताल ने इलाज के लिए बच्‍ची के परिजनों से 16 लाख रुपये चार्ज किए.

परिजनों की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिर उसका कौन सा इलाज किया गया, जिसमें इतने पैसे खर्च हुए?. बच्‍ची इलाज के दौरान आईसीयू में भर्ती रही और उसके बाद फोर्टिस से रॉकलैंड अस्‍पताल में शिफ्ट करने के दौरान उसकी मौत हो गई.

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