विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सीबीआई की हिरासत में, उन्नाव में तीन टीमों ने शुरू की पड़ताल

उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने शुक्रवार को तड़के उनके इंदिरा नगर स्थित आवास से हिरासत में ले लिया। हिरासत के बाद विधायक को हजरतगंज स्थित सीबीआई कार्यालय में ले जाया गया है। जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई टीम ने एसआईटी को भी तलब किया है। जो उन्हें इस मामले में जुड़े अब तक के दस्तावेज सौंपेंगी। भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर किशोरी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है।

कुलदीप को हिरासत में लेने के बाद सीबीआई टीम शुक्रवार की भोर में ही माखी की थाने पहुंची। टीम ने इस प्रकरण से जुड़े तमाम दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम के सदस्य भी थाने पहुंच गए। जून महीने से लेकर अब तक पीड़िता की ओर से की गई शिकायतों के बारे में जानकारी ली जा रही है। मामले में पीड़िता की तरफ से लिखाए गए रिपोर्ट पर भी गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। सफेद रंग की कार में सवार होकर सीबीआई टीम के सदस्य माखी थाने पहुंचे तो यहां तैनात पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।

इसके कुछ देर बाद सीबीआई की एक टीम उन्नाव के उस होटल में पहुंची जहां रेप पीड़िता और उसका परिवार रुका हुआ है, यहां सीबीआई की टीम पीड़िता और उसके परिवार वालों से बारी-बारी से बात कर रही है।

आजादी के बाद से ही अपने गांव की राजनीति पर कुलदीप परिवार का कब्जा रहा है। विरोधियों को पटखनी देने के लिए कुलदीप ने तमाम मोहरे तैयार किए थे। पीड़ति परिवार के लोग भी उनके मोहरे थे।
कुलदीप को राजनीति अपने नाना बाबू सिंह से विरासत में मिली थी।

कुलदीप के पिता मुलायम सिंह फतेहपुर के रहने वाले थे। कुलदीप के नाना के कोई बेटा नहीं था। इसलिए उन्होंने बेटी-दामाद को अपने पास ही बुला लिया। कुलदीप और उनके दो भाइयों मनोज सिंह और अतुल सिंह का यहीं जन्म हुआ और यहीं पले-बढ़े।

उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के सराय थोक पर उनका ननिहाल है. वह यहीं आकर बस गए. कुलदीप सेंगर ने यूथ कांग्रेस से राजनीति की शुरूआत की

1987/88 में कुलदीप गांव के निर्विरोध प्रधान चुने गए तो उनकी उम्र 21 साल से कम बताकर विरोधियों ने चैलेंज कर दिया था। तब मेडिकल परीक्षण करके बताया कि वह 21 वर्ष के हैं। कुलदीप करीब सात साल तक प्रधान रहे।

गांव के प्रधानी पर करीब 59 साल से कुलदीप के परिवार का कब्जा है।

कुलदीप सिंह सेंगर लगातार चार बार से विधायक है और कभी चुनाव नहीं हारे. इतना ही नहीं तीन बार उनका निर्वाचन क्षेत्र अलग-अलग रहा है. कुलदीप 2002 में पहली बार सदर से विधायक बने।

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