जल्द मिलेगी भारतीय वायुसेना को तीन और महिला फाइटर पायलट

भारतीय वायुसेना को और तीन महिला फाइटर पायलट मिलने जा रही है.हमारे देश की महिलाये पुरुषो के साथ कंधे से कंधे मिला के हर क्षेत्र में बराबरी कर चुकी  हैं. देश को पहले ही 3फाइटर प्लेन पायलट पहले ही मिल चुकी हैं फिर देश को और 3 फाइटर प्लेन पायलट जल्द ही वायुसेना से शामिल होने जा रही हैं. इन तीन महिलाओं को दिसंबर में वायु सेना में कमीशन किया जाएगा.  वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल  बीएस धनोवा की मानें तो तीनों महिला फाइटर पायलट अपने समकक्ष पुरुष पायलटों से किसी मायने में कम नहीं हैं. वायुसेना प्रमुख  ने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में महिलायें वायुसेना में और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.  फिलहाल, पहली बैच के लिए चुनी गई फ्लाइट कैडेट  मोहना सिंह ,अवनि चतुर्वेदी और भावना कंठ कर्नाटक के बीदर में हॉक विमान पर फाइटर पायलट बनने के अंतिम चरण की ट्रेनिंग कर रही हैं. 

अब जंग के मैदान में महिलाएं भी तेज रफ्तार से उड़ते लड़ाकू विमानों की कमान संभाल रही हैं । जी हां, भारतीय वायुसेना के इतिहास में पहली बार तीन महिला अधिकारी भावना कांथ, अवनि चतुर्वेदी और मोहना सिंह महिला लड़ाकू पायलट के तौर कलाबाजियां करती दिखा चुकी हैं. सालों की कड़ी ट्रेनिंग और हाड़ तोड़ देने वाली मेहनत के बाद इन महिलाओं ने नारी शक्ति का परिचय देते हुए अपने सपनों को साकार कर दिखाया है। भारतीय वायु सेना में लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए तीनों महिला लड़ाकू पायलटों के पहले दस्ते को कमीशन दिया गया है।

उम्मीद है इस महीने के अंत तक उनकी ट्रेनिंग पूरी हो जाने के बाद उन्हें सुखोई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उड़ाने का मौका मिलेगा. चुनी गयी इन तीनों महिला पायलटों को वायुसेना ने अगले चार साल गर्भधारण नहीं करने की सलाह दी है, ताकि उनके ट्रेनिंग की प्रक्रिया बाधित ना हो. बता दें कि केवल महिलायें ही नहीं युवा लड़ाकू पायलटों को भी एक खास उम्र तक शादी न करने  की सलाह दी जाती है.

वायुसेना में महिलाओं के लिए फाइटर पायलट बनना ऐच्छिक (वोलंटियर) है. पहले इच्छा जाहिर करनी पड़ती है फिर टेस्ट होता है अगर वो पास कर जाती है तो फाइटर पायलट बन सकती है. वैसे, वायुसेना में करीब 1500 महिलायें हैं. वायुसेना में महिलायं 1991 से पायलट रही है लेकिन वो या तो ट्रांसपोर्ट विमान में रही है या फिर हेलीकॉप्टर उड़ाती रही है. रक्षा मंत्रालय ने 2015 में फैसला लिया कि पांच साल के लिए प्रायोगिक तौर पर महिलाओं को फाइटर पायलट बनने का मौका दिया  जाएगा.

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