आईसीसी : भारत को पाकिस्तान के साथ खेलने को नहीं कर सकते मजबूर

आइसीसी के मुख्य कार्यकारी (CO) डेव रिचर्डसन ने साफ किया कि खेल की भारत को पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए मजबूर नहीं कर सकती. रिचर्डसन ने इस बात को भी नकार दिया कि आइसीसी का पाकिस्तान क्रिकेट की तुलना में भारत की तरफ अधिक झुकाव है.

डेव रिचर्डसन ने कहा कि मौजूदा स्थिति में जल्द ही भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को फिर से शुरू करने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि भारत आइसीसी को बहुत सारे व्यवसाय देता है लेकिन हमारी नजरों में सभी सदस्य राष्ट्र समान हैं.

उन्होंने कहा, ‘भारत अगर पाकिस्तान के साथ खेलने के लिए तैयार नहीं है तो हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते. द्विपक्षीय सीरीज दो क्रिकेट बोर्ड के बीच आपसी समझौते से खेली जाती हैं. हम भी चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज खेलें, लेकिन उनके बीच राजनीतिक तनाव है और किसी भी तरह की क्रिकेट मौजूदा संबंधों पर निर्भर करता है.’

डेव रिचर्डसन ने वर्ल्ड इलेवन में किसी भारतीय खिलाड़ी के ना होने पर कहा, ‘हम इस समय दोनों देशों के बीच के राजनीतिक हालात और संभावित मुश्किलों को नजरअंदाज नहीं कर सकते.’ उन्होंने भारत के व्यस्त कार्यक्रम की बात को इसकी एक और वजह बताते हुए कहा, ‘भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज खेली जानी है और यह सीरीज (पाकिस्तान-विश्व एकादश सीरीज) भारत के व्यस्त कार्यक्रम के बीच में है. विश्व एकादश टीम में सबसे ज्यादा दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी होने का एक कारण यह है कि उन्हें हाल ही में कोई सीरीज नहीं खेलनी है. भारत काफी व्यस्त देश है.’

दोनों देशों के बीच 2014 में एक समझौता हुआ था जिसके मुताबिक दोनों देशों को 2015 से 2023 तक छह द्वीपक्षीय सीरीज खेलनी थी. लेकिन राजनीतिक हालात के चलते भारत ने सीरीज खेलने से मना कर दिया. इस बात को लेकर पीसीबी खफा और उसने बीसीसीआई के मुद्दे को आईसीसी के पास ले जाने का फैसला किया था.

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