बिहार में बाढ़ से अब तक 304 मौतें

बिहार के सीमांचल जिले सहित राज्य के 18 जिले पिछले 10 दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य सरकार द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। राहत की बात है कि कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घटने लगा है। बाढ़ से राज्य की 1. 38 करोड़ से ज्यादा आबादी प्रभावित है, जबकि मरने वालों की संख्या बढ़कर 304 तक पहुंच गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया, ‘राज्य के 18 जिलों के 178 प्रखंडों की 1.38 करोड़ से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।’

बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जो ताजे आंकड़े जारी किए है उसमें सबसे ज्यादा मौतें अररिया में हुई है. जहां पर 74 लोगों की जान चली गई है. एक तरफ जहां अररिया, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज में नदियों का जलस्तर कुछ कम हो रहा है वहीं दूसरी ओर दरभंगा, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिले में बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है.

दरभंगा में बाढ़ का जायजा लेने के लिए आज तक की टीम दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के तारालाही गांव में पहुंची. बागमती नदी में आई बाढ़ की वजह से पूरा का पूरा गांव पूरी तरीके से जलमग्न है और गांव के अंदर 7 से 8 फीट तक पानी भरा हुआ है. अचानक आई इस बाढ़ की वजह से लोगों को अपनी जान बचाने के लिए अपना घर बार छोड़कर सड़कों पर आना पड़ा है.

तारालाही गांव में जी एन इंग्लिश स्कूल की हालत तो सबसे बुरी है जहां पर पूरा का पूरा स्कूल पूरी तरीके से बाढ़ के पानी में डूब गया है. इलाके में पानी का जलस्तर बढ़ता जा रहा था दो दिन पहले स्कूलों से सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया था. आज तक की टीम जब इस स्कूल में पहुंची तो पाया कि गांव वाले स्कूल के अंदर बच्चों के लिए टेबल और कुर्सी को पानी में से निकालकर उसके स्थान पर ले जा रहे हैं.

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जिस कारण इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या सोमवार तक 304 तक पहुंच गई है। अररिया में सबसे ज्यादा 71 लोगों की मौत हुई है, जबकि किशनगंज में 11, पूर्णिया में नौ, कटिहार में 26, पूर्वी चंपारण में 19, पश्चिमी चंपारण में 29, दरभंगा में 19, मधुबनी में 22, सीतामढ़ी में 34, शिवहर में चार, सुपौल में 13, मधेपुरा में 15, गोपालगंज में नौ, सहरसा में चार, मुजफ्फरपुर में सात तथा खगड़िया और सारण में छह-छह व्यक्ति की मौत हुई है।

अधिकारियों का कहना है, ‘बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी से घिरे 7. 34 लाख से ज्यादा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में 1,346 राहत शिविर खोले गए हैं, जिसमें करीब 3. 27 लाख से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं। 2,219 सामुदायिक रसोई खोली गई है, जिसमें लोगों को लंगर की तरह खाना खिलाया जा रहा है।’ इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां सोमवार को दावा करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘जहां तक वाहन अथवा नाव नहीं पहुंच रहे हैं, वहां हेलिकॉप्टर से खाने का सामान गिराया जा रहा है। जैसे ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी उतरेगा पीड़ितों को महीने भर का राशन (खाने के अनाज) समेत अन्य आवश्यक सामग्री दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान बनाने और फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सहयोग देगी।’

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