ओडीएफ निर्माण में ग्राम पंचायतें नहीं ले रहीं रुचि, धनराशि होने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं

वरिष्ठ पत्रकार राहुल मिश्रा की रिपोर्ट

बीघापुर-उन्नाव विकासखंड की 67 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त के चल रहे अभियान के सौ दिन बीत जाने के बाद 20 फीसदी आधे अधूरे शौचालय बन पाए हैं। शौचालयों के निर्माण में धनराशि न मिलने का रोना रो रही ग्राम पंचायतों को 2 करोड़ 64 लाख रुपए मिलने के बाद भी अभियान लकवा ग्रस्त ही है।

ब्लॉक के आंकड़े ढाई हजार शौचालय बनने के हैं ,किन्तु हकीकत में तो केवल 800 शौचालय ही पूर्ण बन पाए हैं। 31 दिसंबर को ओडीएफ घोषित करने की जिला प्रशासन की योजना कैसे पूरी होगी, के सवाल पर जिम्मेदार चुप हो जाते हैं। विकासखंड की 67 ग्राम पंचायतों में 13939 शौचालय निर्माण का लक्ष्य ओडीएफ के लिए रखा गया है। 1 अगस्त से शुरू हुए अभियान में अब तक 2516 शौचालय निर्मित हो पाए हैं। जिनमें केवल 800 शौचालय पूर्णतः निर्मित हैं। शेष आधे अधूरे षौचालय पड़े हुए हैं। ग्राम पंचायतों ने निर्माण की धनराशि न मिलने की बात को लेकर ओडीएफ को किनारे कर प्रधानमंत्री आवासों में पात्रों के चयन, मनरेगा व वित्त आयोग के कार्यों में जुटी हुई है।

पंचायत विभाग ने 46 ग्राम पंचायतों को 2 करोड़ 64 लाख रुपए खातों में भेज दिया उस पर भी पंचायतें केवल 1 करोड़ 16लाख रुपये ही खर्च कर पायी हैं। ग्राम पंचायतें कितना संजीदा हैं यह तो निर्माण धनराशि मिलने के बाद ही खुलासा हो गया। वैसे तो विकासखंड को ओडीएफ बनाने के लिए शासन को 16 करोड़ रुपए पंचायतों को देना होगा जिसके सापेक्ष 2 करोड़ 64 लाख रु0 मिल भी चुका है।

सहायक विकास अधिकारी पंचायत रामसनेही उत्तम ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों को धनराशि उपलब्ध करा दी गई है उन्हें शौचालय पूर्ण कराने के कार्य में शिथिलता की नोटिस दे दी गई हैं । लक्ष्य न पूरा करने वाली ग्राम पंचायतों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।ग्राम पंचायत मानपुर में 12, भोगइता मे 6 व10 गढ़ेवा ने लक्ष्य के शौचालय बनवा कर गांव को ओडीएफ बना लिया है किंतु उन्हें निर्माण की प्रोत्साहन राशि अब तक भी नहीं मिल पाई है। वही कुंभी, खरझारा, रुद्रपुर ,ओसियां ,कैलांव, लालगंज द्वितीय, घाटमपुर खुर्द, कुकुरी, टेढ़ा, कटरा ,मझिगवां ,सगवर, भरथीपुर ,बारा, ने शौचालय तो बनवाए हैं किंतु पंचायत विभाग ने एक रुपए भी नहीं दिया।ग्राम पंचायत इंदेमऊ , नसीरपुर लालगंज प्रथम, पिपरासर दिग्विजयपुर, अमरपुर मे धनराशि पड़ी हुई है फिर भी शौचालय नहीं बन पाए हैं।

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