अंबानी परिवार बना एशिया का सबसे अमीर घराना, कुल संपत्ति 1685 अरब रुपये बढ़ी

रिलायंस समूह के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी का परिवार एशिया का सबसे अमीर परिवार है उनके परिवार की नेटवर्थ 19 अरब डॉलर (तकरीबन 1241 अरब रुपये) से बढ़कर 44.8 अरब डॉलर ( लगभग 2926 अरब रुपये) हो गई है. वहीं दूसरे स्थान पर पहुंचने के बावजूद कोरियाई कंपनी के सैमसंग का मालिकाना हक रखने वाले ली का परिवार इस सूची में दूसरे नंबर पर है. ली घराने की कुल संपत्ति 40.8 अरब डॉलर आंकी गई है, जो कि पिछले साल के मुकाबले 11.2 अरब डॉलर कम है. इस साल सैमसंग के शेयरों में करीब 75 फीसदी की तेजी आई है.

एशिया के 50 अमीर परिवारों की जारी सूची में तीसरे स्थान पर हॉन्ग-कॉन्ग का वोक परिवार है, जो सैन हंग काई प्रॉपर्टीज का मालिकाना हक रखता है. इस परिवार की कुल संपत्ति 40.4 अरब डॉलर आंकी गई है। वही थाईलैंड के चारोएन पोक्पहैंड समूह के प्रमुख चिआरावैनांट परिवार का इस सूची में चौथा स्थान है जिनकी कुल संपत्ति 36.6 अरब डॉलर आंकी गई है। फोर्ब्स ने कहा, ‘किसी भी घराने की संपत्ति में अंबानी की तरह इजाफा नहीं हुआ.

मुकेश अंबानी के परिवार की संपत्ति में सबसे ज्यादा 74% बढ़ोतरी हुई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑयल रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने और जियो की जबरदस्त सफलता से कंपनी के शेयर में एक साल में 78% सका उछाल देखा गया.भारत के सहगल (टीएसजी) और वाडिया समेत छह परिवार पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं. सहगल परिवार 40,000 करोड़ की संपत्ति के साथ 41वें और वाडिया भी करीब इतनी ही संपत्ति के साथ 42वें नंबर पर हैं. हालांकि, लिस्ट में सबसे ज्यादा 18 परिवार भारत के ही हैं. दूसरे नंबर पर हांगकांग है, जहां के 9 परिवार एशिया की टॉप 50 फैमिली में शामिल हैं. 2016 से तुलना करें तो 43 परिवारों की संपत्ति में इजाफा हुआ है. फोर्ब्स ने कुल संपत्ति का आकलन 31 अक्टूबर के शेयर प्राइस के हिसाब से लिया है.

अन्य अमीर भारतीय परिवारों में प्रेमजी (11वां पायदान, 19.2 अरब डॉलर), हिंदुजा (12वीं रैंक, 18.8 अरब डॉलर), मित्तल (14वां पायदान, 17.2 अरब डॉलर), मिस्री (16वां पायदान, 16.1 अरब डॉलर) और बिड़ला (19वां पायदान, 14.1 अरब डॉलर) शामिल हैं. इस सूची में गोदरेज, बजाज, जिंदल, बर्मन और बांगुर परिवार भी शामिल हैं। इस साल इस सूची में जगह बनाने के लिए न्यूनतम संपत्ति की लिमिट 5 अरब डॉलर रखी गई थी, जो 2016 के मुकाबले 1.6 अरब डॉलर अधिक है.

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