बीमार दुधमुंही बच्ची को जल्लाद बाप ने पटक-पटक कर मारा, नाले में फेंक दिया

जामिया नगर थाना इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक निर्दयी पिता ने शराब के नशे में डेढ़ वर्षीय बेटी को पहले पटक-पटक कर मारा फिर उसे नाले में फेंक दिया। मासूम का कसूर सिर्फ इतना था कि वह बीमार रहती थी और रोती रहती थी। स्थानीय लोगों ने आरोपी पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी बाद में जामिया नगर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शव नाले से बरामद कर लिया गया है।

बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर शव नाले से सड़ी गली हालत में बरामद कर लिया। उसके बाद आरोपी पिता राशिद जमाल को गिरफ्तार कर लिया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को घटना स्थल से खून ही खून मिला। जामिया नगर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को पकडऩे के लिए एसएचओ संजीव कुमार की टीम बनाई। पुलिस ने कुछ ही घंटों बाद आरोपी पिता को पकड़ हिरासत में ले लिया। उस वक्त भी वह शराब की नशे में था। वह पुलिस को ठीक तरीके से नहीं बता पा रहा था कि उसने बच्ची को कहां फेंका है। उसने बस यही बताया कि घर के पास नाले में फेंका है।

पुलिस की टीम और फायर, एनडीआरएफ, क्यूआरटी व गोताखोर की टीम ने नाले को खंगाला। लेकिन बच्ची नहीं मिली। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, फिर एक दिन के रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की। तब उसने बताया कि उसने बच्ची को दूसरे नाले में फेंका था। पुलिस की टीम ने दोबारा उस नाले को खंगाला तो सड़ी गली हालत में बच्ची का शव मिला। शव को पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी राशिद शाहीन बाग के शर्मा विहार इलाके में रहता है। 19 सितंबर की रात को आरोपी शराब पीकर घर आया। घर आने पर पत्नी मोफिदा बेगम के साथ किसी बात पर कहासुनी हो गई। बताया गया है कि इसी दौरान उसने अपनी डेढ़ साल की सोती हुई बेटी रेशमा खातून को उठा लिया। इससे पहले कि बेगम कुछ समझ पाती, आरोपी ने अपनी बेटी को कई बार फर्श पर पटका। जब उसे रोकने की कोशिश की गई तो वह खून से लथपथ बेटी को अपने साथ लेकर घर से भाग गया और यमुना में फेंक दिया। इस मामले में आरोपी की पत्नी मोफिदा बेगम ने पुलिस को 100 नंबर पर कॉल कर जानकारी दी।

मौके पर आई पुलिस ने आरोपी राशिद जमाल की तलाश की। एक जगह यह नशे में धुत हालत में मिल गया लेकिन पुलिस के बच्ची के बारे में काफी पूछने के बावजूद उसने कुछ नहीं बताया। इसके बाद पुलिस ने फायर ब्रिगेड की भी मदद लेते हुए आसपास के नालों और यमुना में बच्ची की तलाश शुरू की। 56 घंटे बाद बच्ची का शव गोताखोरों को यमुना के जाल में अटका हुआ मिला। आरोपी मजदूरी करके अपना घर चलाता था। मूलरूप से यह असम का रहने वाला है। वहां भी इसने दो शादी कर रखी हैं।

महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने तीन बच्चों के सामने उसे पीटना शुरू कर दिया था। पत्नी की पिटाई के बाद उसने दो बेटों की पिटाई शुरू कर दी, लेकिन वे वहां से भाग गए। पुलिस ने बताया कि जिस समय जमाल पत्नी को पीट रहा था, उस वक्त डेढ़ साल की बेटी रो रही थी। बच्ची अक्सर बीमार रहती थी। जमाल बच्ची के रोने की आवाज से और गुस्सा हो गया. उसने बच्ची को उठाया और कई बार जमीन पर पटका। पत्नी ने उसे ऐसा नहीं करने की गुहार लगाई, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। फिर महिला पड़ोसियों से मदद मांगने के लिए भागी।

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