यूपी के डिप्टी CM केशव प्रसाद बोले : भ्रष्टाचार करो, लेकिन दाल में नमक के बराबर

उत्तर प्रदेश में ठेकेदारों को भ्रष्टाचार करने की छूट मिल गई है. अब वो राज्य में दाल में नमक बराबर भ्रष्टाचार कर सकते हैं. इतनी छूट उन्हें खुद लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिल गई है. मौर्या सूबे के उप-मुख्यमंत्री भी हैं.यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी कैबिनेट के सारे मंत्री जहां सूबे से भ्रष्टाचार को खत्म करने की मुहिम छेड़े हुए हैं. वहीँ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इस मामले में थोड़ी से ढील देने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं. जिसके चलते हरदोई में रविवार को एक आयोजित कार्यक्रम में केशव प्रसाद अपने मन में आयी बात को जुबान पर आते ही रोक नहीं सके और अपनी फिसलती जुबान से उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमला बोलने के क्रम में ठेकेदारों को भी काम में दाल में नमक के बराबर भ्रष्टाचार करने की छूट दे डाली. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ठेकेदार दाल में नमक बराबर ही खाएं.

केशव प्रसाद मौर्य पिछले रविवार को हरदोई में एक स्टूडेंट्स के कार्यक्रम में बोल रहे थे, जब उन्होंने पीएम मोदी के भ्रष्टाचार निरोधी अभियान पर पानी फेर दिया. लोक निर्माण विभाग के मंत्री इस क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सूबे में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही बीजेपी की सरकार भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी. सरकार उन ठेकेदारों पर कार्रवाई करेगी, जो योजनाओं के नाम पर जारी हुई धनराशि हड़प जाते हैं. ये बर्दाश्त नहीं होगा कि रोड बनाने के लिए राशि जारी की गई और रोड ही नहीं बना.

लेकिन इसके बाद उपमुख्यमंत्री थोड़े नरम हो गए. उन्होंने कहा, ‘कमाओ लेकिन दाल में नमक बराबर होना चाहिए. खाओ जैसे दाल में नमक खाया जाता है.’ मतलब सूबे में ठेकेदार थोड़ी मात्रा में भ्रष्टाचार कर सकते हैं. अगर ठेकेदार दाल में नमक के बराबर भ्रष्टाचार करेंगे तो सरकार को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि ठेकेदार बस थोड़ी सी कमाई कर रहे हैं.मौर्य के इस बयान से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और छात्र भी सन्न रह गए.

 

दिलचस्प है कि पिछली समाजवादी सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी सूबे के ठेकेदारों को कुछ ऐसी ही सलाह देकर फंसे थे. उन्होंने 2012 में कहा था कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारी थोड़ी सी चोरी कर सकते हैं लेकिन लूट नहीं. उनकी इस बयान के बाद काफी आलोचना की गई थी. शिवपाल यादव ने कहा कि वो चोरी करने नहीं ईमानदारी से काम करने की सलाह दे रहे थे.

केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर खुद उन्होंने तो नहीं लेकिन पार्टी ने जरूर सफाई पेश की है. पार्टी का कहना है कि मौर्य के बयान को संदर्भ से अलग हटाकर प्रचारित किया जा रहा है. उपमुख्यमंत्री ने ये सारी बात भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए की थी. सरकार का रुख भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का है.

मौर्य ने कहा अब कोई भ्रष्टाचार के लिए नहीं कहता कि नेता कमाएगा. ठेकेदार और अधिकारी मिलकर सड़क के नाम पर पैसा लाएंगे और सड़क नहीं बनाएंगे, कहां जाएंगे. अब ऐसा कोई ठेकेदार नहीं कर पाएगा और न ही कोई अधिकारी इस तरह नौकरी कर पाएगा, यह तो हमारी सरकार का फैसला है. उन्होंने कहा कि हम भ्रष्टाचार से मुक्त शासन चाहते हैं. कमाओ लेकिन दाल में जैसे नमक खाया जाता है वैसे खाओ, दाल में नमक की तरह खाओ. उन्होंने कहा कि कमाई करना, व्यापार करना गलत नहीं है लेकिन अगर आप सोचेंगे जनता का जो हिस्सा है, उसे लूटेंगे तो भाजपा की सरकार में लूटने वाले को माफ नहीं किया जाता है. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संबंध में कहा कि अभी तक प्रधान लाभार्थी से रुपये वसूल रहते होंगे, लेकिन अब ऐसा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभाओं में कई बार कह चुके हैं कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा. मगर उन्हीं की पार्टी के जिम्मेदार नेता खाने में छूट रहे हैं. जिससे पीएम की इस निर्देश का मजाक उड़ रहा है. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को भ्रष्टाचार करने पर नसीहत दी है.उन्होंने कहा कि अगर खाना है तो दाल में नमक के बराबर ही खाएं. उन्होंने कहा कि अगर ज्यादा खाया तो किसी को छोड़ा नहीं जायेगा. उन्होंने कहा है कि कमाई करना किसी भी तरह से गलत नहीं है. अधिकारियों को केशव प्रसाद मौर्य ने भ्रष्टाचार करने पर नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि दाल में नमक की तरह खाना है तो खाओ. अगर ज्यादा खाया तो पकड़े जाओगे. डिप्टी सीएम ने अपने इस बयान से एक नये विवाद को जन्म दे दिया है.

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को आराम करने की सलाह दी है. केशव ने कहा कि वह डिप्रेशन में हैं और कुछ दिन घर में बैठकर आराम करें. उन्होंने अखिलेश यादव को डिप्रेशन में बताया. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार पत्थर दिल थी और शिलान्यास ही करती थी, लेकिन भाजपा विकास पर भरोसा करती है और विकास ही कर रही है.

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