हनीप्रीत के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी ,दिल्ली में ही है हनीप्रीत अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में दी अर्जी ,

हरियाणा पुलिस ने राम रहीम की करीबी हनीप्रीत, डेरा प्रवक्ता आदित्य इंसा और पवन इंसा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है. यह वारंट अक्टूबर के अंत तक प्रभावी रहेगा, यदि इस दौरान आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए, तो उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया जाएगा. पुलिस की एक टीम हनीप्रीत की तलाश में दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में छापा मार रही है.हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्य का दावा है कि वह दिल्ली में ही है और सोमवार को लाजपत नगर में उनके दफ्तर में उनसे मिलने आई थी. वकील के मुताबिक हनीप्रीत जरूरी कागजात पर साइन करके चली गई. हनीप्रीत ने अंतरिम अग्रिम जमानत की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. हनीप्रीत के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने देशद्रोह का मामला दर्ज किया हुआ है. पुलिस की कई टीमें हनीप्रीत की तलाश में जुटी हैं, लेकिन अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. ऐसे में वकील के दावों के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है.

हनीप्रीत का नाम उन 43 मोस्ट वांटेड की लिस्ट में टॉप पर है, जिनकी हरियाणा पुलिस को राम रहीम को रेप के मामलों में दोषी ठहराने जाने के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के संबंध में तलाश है. इससे पहले पुलिस ने हनीप्रीत के खिलाफ एक लुकआउट नोटिस जारी किया था. राम रहीम को पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 25 अगस्त को दोषी ठहराया था. उसके बाद हरियाणा के पंचकूला और सिरसा जिलों में काफी हिंसा और आगजनी हुई थी, जिसमें 41 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे. सीबीआई अदालत ने 28 अगस्त को राम रहीम को रेप के मामलों में 20 वर्ष की सजा सुनाई थी. हनीप्रीत 25 अगस्त को राम रहीम के साथ विशेष सीबीआई अदालत गई थी.

पूरे एक महीने बीत गए, राम रहीम की हनीप्रीत अभी तक पुलिस के लिए एक पहेली बनी है. देश-दुनिया में उसकी तलाश में भटक रही हरियाणा पुलिस को हनीप्रीत ने चौंका दिया. उसकी तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की गई है. उसके वकील प्रदीप आर्या ने बताया है कि हनीप्रीत सोमवार को दिल्ली में ही थी. वह उनके ऑफिस आई थी.

ऐसे में यह साफ हो रहा है कि जिस हनीप्रीत को सारी दुनिया में तलाशा जा रहा है, वो तो देश की राजधानी दिल्ली में कहीं छिपी बैठी है. सोमवार को हनीप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की है. उसने दिल्ली हाईकोर्ट के वकील प्रदीप आर्या के साथ करीब करीब 2 घंटे की मुलाकात की थी. उसने वकील से बचाव का कानूनी रास्ता ढूंढने के लिए कहा है.

हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर आज सुनवाई मुमकिन है. यदि हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका मंजूर कर ली तो फिर हरियाणा पुलिस का चेहरा देखने लायक होगा. क्योंकि जिस हनीप्रीत के लिए हरियाणा पुलिस की टीम दुनियाभर की खाक छान ली, देश से लेकर नेपाल तक खोजा, वो पड़ोस में मिली, और दूसरा ये कि अब वो तीन हफ्ते तक ठाठ से रहेगी भी.

हनीप्रीत की फरारी को लेकर कई तरह की थ्योरी भी सामने आ रही हैं. ये भी कहा जा रहा है कि वो भागी नहीं बल्कि भगाई गई क्योंकि उसके पास कई रसूखदारों के राज हैं. दूसरी तरफ ये थ्योरी भी निकल रही है कि हनीप्रीत को डेरा के लोगों ने ही बंधक बनाया था. यह आरोप किसी और का नहीं बल्कि राम रहीम की बहू के ममेरे भाई भूपेंद्र सिंह गोरा का है.

राम रहीम के समधी कांग्रेस के पूर्व विधायक हरमिंदर सिंह जस्सी के रिश्तेदार भूपेंद्र सिंह का आरोप है कि उनकी निगरानी में हनीप्रीत को किसी गुप्त जगह ले जाया गया. इन आरोपों को उस सच से भी ताकत मिल रही है, जो राजस्थान के श्रीगंगानगर में हनीप्रीत की तलाश के दौरान सामने आया था. यहां जस्सी के सिक्योरिटी में तैनात पंजाब पुलिस के जवान देखे गए थे.

कहा ये जा रहा है कि हनीप्रीत के पास बाबा से जुड़े रसूखदारों और नेताओं के तमाम राज है. अपनी पोल खुलने के डर से इन्हीं सफेदपोशों के इशारे पर हनीप्रीत को गायब किया गया. अब इन्हीं लोगों से जान छुड़ाने के लिए हनीप्रीत कोर्ट की शरण में पहुंची है. यदि कोर्ट याचिका को स्वीकार करता है तो मुमकिन है कि उसे कुछ दिन की ट्रांजिट बेल मिल जाए.

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