राजधानी में प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर केजरीवाल सरकार को एनजीटी की फटकार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्लास्टिक बैग व अन्य डिस्पोजेबल प्लास्टिक उत्पादों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही इस पर तत्काल रोक लगाने और स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में डिस्पोजेबल प्लास्टिक से निर्मित उत्पादों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद  धड़ल्ले से हर जगह प्लास्टिक इस्तेमाल हो रहा है।

राजधानी में जगह-जगह प्लास्टिक बैग फेंके जा रहे हैं। इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।  पीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि प्लास्टिक बैग व अन्य उत्पादों पर प्रतिबंध के आदेश का सख्ती के साथ पालन क्यों नहीं हो रहा है।

आप कोई कदम क्यों नहीं उठाते। वहीं अधिवक्ता ने कहा कि राजधानी में प्लास्टिक बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है। साथ ही आदेश पालन के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
‘पूरी दिल्ली में प्लास्टिक बैग
बिखरे पड़े हैं। ऐसे में कौन यह कह सकता है कि राष्ट्रीय राजधानी में डिस्पोजेबल प्लास्टिक से निर्मित उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध है। ’

1 जनवरी से लगा दिया था पूर्ण प्रतिबंध
एनजीटी ने बीते वर्ष दिल्ली-एनसीआर में 1 जनवरी, 2017 से डिस्पोजेबल प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया था। खासतौर से होटल, रेस्तरां और निजी व सार्वजनिक कार्यक्रमों में डिस्पोजेबल प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ सरकार को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। वहीं डिस्पोजेबल प्लास्टिक से निर्मित उत्पादों के भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध है।

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