क्रिमिनल बैकग्राउंड के नेता बन सकते हैं पार्टी अध्यक्ष, नहीं लगाई जा सकती रोक- सुप्रीम कोर्ट

याचिकाकर्ता ने कहा, 'इसी तरह कोर्ट ने सुरेश कलमाड़ी, ए राजा, अकबरुद्दीन ओवैसी, कनिमोई, अधीर रंजन चौधरी, वीरभद्र सिंह, मुख्तार अंसारी , मोहम्मद शहाबुद्दीन, मुलायम सिंह यादव

देश में मौजूद तमाम राजनीतिक पार्टियों में शायद ही कोई पार्टी ऐसी होगी, जिसमें आपराधिक छवि वाले नेता ऊंचे पद पर बैठे हों और अक्सर इन मुद्दों को चुनावों से पहले उठाया भी जाता है, लेकिन फिर कहीं ये मुद्दे गायब हो जाते हैं। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को लेकर एक फैसला सुनाया है, जिसमें कोर्ट का कहना है कि आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों को किसी भी राजनीतिक पार्टी का प्रमुख बनने से कोई नहीं रोक सकता। दरअसल, ऐसी नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता से ही पूछ लिए सवाल
शुक्रवार को इस याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस ए.एम. खानविलकर की बेंच ने याचिकाकर्ता वकील अश्विनी उपाध्याय से कहा, ‘कोर्ट किस स्तर तक जा सकता है? इस मामले पर सरकार और संसद को फैसला लेना चाहिए। क्या हम किसी दोषी व्यक्ति को किसी पार्टी का प्रमुख बनने से रोक सकते हैं? क्या यह स्वतंत्रता पर रोक नहीं होगी? क्या कोर्ट किसी दोषी व्यक्ति को अपने राजनीतिक विचार रखने से रोक सकता है?

पार्टी की मान्यता को किया जा सकता है रद्द
हालांकि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर विचार करने के लिए तैयार है कि किसी पार्टी के आपराधिक मामलों में लिप्त होने पर चुनाव आयोग उस पार्टी की मान्यता को रद्द कर सकता है और चुनाव आयोग के पास इस फैसले का अधिकार होना चाहिए। इस मामले में कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से सुझाव मांगे हैं। आपको बता दें कि पिछले साल चुनाव आयोग ने ऐसी पार्टियों की मान्यता रद्द कर दी थी, जिन्होंने 2005 के बाद से कोई स्थानीय या राष्ट्रीय चुनाव नहीं लड़ा था। यह फैसला विशेषाधिकार के तहत लिया गया था, जिसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। अभी चुनाव आयोग के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है, जिससे वह किसी राजनीतिक पार्टी की मान्यता वापस ले सके।

याचिका में इन नेताओं का है जिक्र
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया था कि एक नेता के गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद भी उसे कैसे किसी पार्टी के ऊंचे पद पर बिठाया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका के साथ लालू प्रसाद, ओमप्रकाश चौटाला और शशिकला जैसे नेताओं के उदाहरण दिए, जिसमें उन पर आरोप सिद्ध भी हो चुके हैं। याचिकाकर्ता ने कहा, ‘इसी तरह कोर्ट ने सुरेश कलमाड़ी, ए राजा, अकबरुद्दीन ओवैसी, कनिमोई, अधीर रंजन चौधरी, वीरभद्र सिंह, मुख्तार अंसारी , मोहम्मद शहाबुद्दीन, मुलायम सिंह यादव आदि पर मामले दर्ज किए हैं, लेकिन फिर भी ये पॉलिटिकल पार्टियों में ऊंची स्थितियों पर बैठ कर राजनीति कर रहे हैं।’

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