उद्घाटन के एक दिन पहले ही टुटा 389 करोड़ का बांध , नीतीश करने वाले थे लोकार्पण

बिहार में भागलपुर के कहलगांव में 389 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना बांध उद्घाटन से पहले ही टूट गया। बांध के टूटने से कई इलाकों में गंगा का पानी घुस गया है। इस बांध को गंगा पंप नहर योजना के तहत तैयार किया गया था. जानकारी मिलते ही जिले के सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे कहलगांव में बाढ़ सा नज़ारा दिख रहा है। एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुट गई है। पानी अभी भी शहरी इलाकों में घुस रहा है।

इसके बाद नीतीश कुमार ने अपना भागलपुर दौरा रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि भागलपुर के कहलगांव में बटेश्वर गंगा पंप नहर परियोजना का काम लंबे समय से चल रहा था। ऐसे में बांध का हिस्सा टूटने से इस परियोजना पर एक बार फिर से ग्रहण लग गया है।

इस योजना पर 389. 31 करोड़ रुपए खर्च हुए है । पीरपैंती के विधायक रामविलास पासवान ने बांध टूटने के लिए इंजीनियर और ठेकेदार के गठजोड़ को ज़िम्मेदार ठहराया है । यह योजना लिफ्ट सिंचाई दर्जे की योजना है। इस योजना से भागलपुर ज़िले की 18620 हेक्टेयर और झारखंड के गोड्डा ज़िले की 22658 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो सकेगी। यानि बिहार झारखंड दो राज्य को फायदा होगा। शुरुआत में यह योजना 13.88 करोड़ रुपए की थी। 1977 में योजना आयोग ने इसकी मंजूरी दी थी। बांध की दीवार टूटने से ज़िले के प्रशासनिक अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। और सभी में हड़कंप मचा है। और कोई भी अधिकारी शर्म से फोन रिसीव नहीं कर रहा। कहलगाँव के अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर इस खबर की पुष्टि की है ।

बांध टूटने पर ​प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी ने नीतीश सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भागलपुर में मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री का पुतला फूंका। आरजेडी ने कहा है कि करोड़ों रुपये के सृजन घोटाले के बाद भागलपुर में एक नया ‘घोटाला’ सामने आया है।

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