हमारी सेना अभी शांत है, पर लंबे समय तक नहीं रहेगी-चीन

पिछले एक महीने से भारत और चीन के बीच सिक्किम क्षेत्र के डोकलाम को लेकर गतिरोध चल रहा है। यहां चीन सड़क निर्माण करना चाहता है जिसे भारतीय सेना ने रोक दिया है। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है।

इंडियन एक्सप्रेस को मिला सूचना के अनुसार चीन ने विदेशी राजनयिकों से कहा है कि उसकी पीपल्स लिवबरेशन आर्मी (पीएलए) धैर्य के साथ डोकलाम इलाके में तैनात है, लेकिन सेना लंबे समय तक धैर्य नहीं रखेगी।

चीन का ये बयान ऐसे वक्त पर आया है जब भारतीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल इसी महीने 26-27 जुलाई को ब्रिक्स देशों के एनएसए की बैठक में शामिल होने के लिए चीन जाने वाले हैं। इस बैठक से पहले चीन ने बीजिंग स्थिति विदेशी राजनयिकों को बुलाकर कहा है कि उसकी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) धैर्य के साथ डोकलाम इलाके में तैनात है और उसकी सेना लंबे समय तक धैर्य नहीं रखेगी।

चीन भूटान के डोकलाम इलाके पर दावा जताता रहा है। चीन इसे डोंगलॉन्ग कहता है। भारत के सिक्किम में देश की सीमा तिब्बत और भूटान से लगती है। चीन भूटानी इलाके में उच्च क्षमता वाली सड़क बनाना चाहता है जिस पर 40 टन तक के सैन्य वाहन और टैंक आ-जा सकेंगे।

चीन भारत से अपने सैनिक पीछे हटाने की मांग कर रहा है। चीन ने विदेशी राजनयिकों के सामने दावा किया कि उसके पास इस बात के ‘ठोस सबूत’ हैं कि डोकलाम उसका इलाका है। चीन ने कहा कि डोकलाम चीनी सीमावर्ती निवासियों के पशुओं के लिए चारागाह का काम करता रहा है। चीन ने भूटानी घास काटने वालों को दी रसीद भी दिखाई।

SHARE