पनामा पेपर्स लीक का खुलासा करने वाली पत्रकार की कार बम धमाके में मौत

माल्टा के विदेशी कर पनाहगाह के बारे में खुलासा करने वाली खोजी पत्रकार की उनकी कार में बम विस्फोट होने से मौत हो गई। उन्होंने लीक हुए पनामा पेपर्स के जरिए कर चोरी के लिए दूसरे देशों में पनाहगाहों से द्वीपीय देश के संबंधों का खुलासा किया था।प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट ने बताया कि 53 वर्षीय डेफ़ने कारूआना गालिजि़आ माल्टा के मुख्य द्वीप में स्थित बड़े शहर मोस्टा में अपने घर से निकली ही थीं कि बम विस्फोट हो गया जिससे उनकी कार के परखच्चे उड़ गए।

मस्कट ने कहा कि पत्रकार की मौत एक बर्बर हमला है जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी हमला है। उन्होंने पत्रकार की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि पत्रकार राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर मेरी कटु आलोचक थीं, लेकिन वह उनकी हत्या की निंदा करते हैं। महिला पत्रकार ने वर्ष 2016 में लीक हुए पनामा पेपर्स में माल्टा के संबंधों के बारे में लिखा था। उन्होंने लिखा था कि मस्कट की पत्नी और सरकार के चीफ ऑफ स्टाफ की, अजरबेजान से धन देने के लिए पनामा में विदेशी कंपनी थी। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने आज माल्टा के अखबारों को बताया कि डेफ्ने ने दो सप्ताह पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं।

माल्टा के प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट ने बताया कि पत्रकार की मौत एक बर्बर हमला है जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी हमला है। उन्होंने पत्रकार की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि पत्रकार राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर मेरी कटु आलोचक थीं, लेकिन वह उनकी हत्या की निंदा करते हैं। महिला पत्रकार ने वर्ष 2016 में लीक हुए पनामा पेपर्स में माल्टा के संबंधों के बारे में लिखा था। उन्होंने लिखा था कि मस्कट की पत्नी और सरकार के चीफ ऑफ स्टाफ की, अजरबेजान से धन देने के लिए पनामा में विदेशी कंपनी थी। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने  माल्टा के अखबारों को बताया कि डेफ्ने ने दो सप्ताह पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं।

साल 2016 की शुरुआत में अमेरिका स्थित एक एनजीओ खोजी पत्रकारों के संघ ICIJ ने एक बड़ा खुलासा किया था। इसमें बताया गया कि कई देश टैक्स हेवेन बने हुए हैं और तमाम देशों के राजनेता और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां यहां पैसा निवेश कर टैक्स बचा रही हैं। इस खुलासों में ढेरों फिल्मी और खेल जगत की हस्तियों के अलावा दुनिया भर के करीब 140 राजनेताओं, अरबपतियों की छिपी संपत्ति का भी खुलासा हुआ था. खुलासा करने वाले पत्रकारों के समूह में डैफनी अगुवा पत्रकार रही थीं।

इन खुलासों में आइसलैंड, यूक्रेन के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के शाह और डेविड कैमरन के पिता का नाम प्रमुख था। इनके अलावा लिस्ट में व्लादिमीर पुतिन के करीबियों, अभिनेता जैकी चैन और फुटबॉलर लियोनेल मेसी का नाम भी था। पनामा मामले के कारण ही नवाज शरीफ को पाकिस्तान के पीएम पद से हटाया गया था।

पनामा पेपर्स लीक: क्या है पूरा मामला ??

कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों, दुनियाभर की राजनीतिक-फिल्मी हस्तियों, खिलाड़ियों और अपराधियों के वित्तीय लेन-देन की कलई खोलकर रखने वाले पनामा पेपर्स ने हंगामा खड़ा कर दिया है। इन दस्तावेजों में करीब 500 भारतीयों के नाम भी हैं। इन लीक दस्तावेजों में नाम होने के चलते आइसलैंड के प्रधानमंत्री पर इस्तीफे का दबाव पड़ना शुरू हो गया है।इस पेपर लीक में जिन हस्तियों के अपने विदेशी खातों में वित्तीय लेनदेनों का खुलासा हुआ है, क्या वह लेनदेन पूरी तरह गैरकानूनी हैं? इस बारे में ICIJ का कहना है कि निश्चित तौर पर हो सकता है कि यह पूरी तरह गैरकानूनी न हो, लेकिन यह इतना तो दिखाता ही है कि किस तरह इन हस्तियों द्वारा देश के कोष को टैक्स बचाकर नुकसान पहुंचाया गया।

ICIJ का कहना है कि वह जल्द ही ऐसी हस्तियों की पूरी लिस्ट जारी करेगी। सबूत के तौर पर इनके ई-मेल्स, फाइनैंशल डॉक्युमेंट्स और पासपोर्ट आदि को भी सामने लाया जाएगा। हालांकि अभी जिन हस्तियों के नाम सामने आए हैं, वे भी कम चौंकाने वाले नहीं हैं। इनमें आइसलैंड और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, यूक्रेन के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के राजा और डेविड कैमरन के पिता का नाम प्रमुख है। इनके अलावा लिस्ट में व्लादिमीर पुतिन के करीबियों, अभिनेता जैकी चैन और फुटबॉलर लियोनेल मेसी का नाम भी है। हालांकि इन हस्तियों ने ऐसा कर कोई गैर-कानूनी काम किया है, इस बारे में पेपर्स में कुछ नहीं कहा गया है।

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