सहारनपुर हिंसा पर राज्यसभा में न बोल पाने से नाराज हुईं मायावती ने दिया इस्तीफा

बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. मायावती राज्यसभा में बोलने की इजाजत न मिलने से गुस्सा थीं। उन्होंने  कहा कि सहारनपुर घटना केंद्र की साजिश थी. इसके बाद राज्य सभा में हंगामा होने लगा और मायावती ने उपसभापति को कहा कि आप मुझे बोलने नहीं देंगे तो मैं सदन से इस्तीफा दे देती हूं. इसके बाद मायावती ने राज्यसभा से इस्तीफे की घोषणा कर दी. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैंने इस्तीफा दे दिया है.

सहारनपुर में दलितों का बड़े पैमाने पर उत्पीड़न हुआ. गुजरात के ऊना में दलितों पर अत्याचार हुआ.  मुझे शब्बीरपुर में हेलीकॉप्टर से जाने की इजाजत नहीं दी गई. सड़क के रास्ते जाना पड़ा. जब मैं गांव पहुंची तो डीएम और एसपी गायब थे. मैंने वहां कोई ऐसी बात नहीं कही जिससे समुदायों के बीच लड़ाई हो जाए. यूपी में अभी भी महाजंगलराज और महागुंडाराज है. हमें पीड़ितों की मदद के लिए भी प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ी.

क्या था मामला?

बता दें कि सोमवार को जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, उसके बाद मायावती ने सहारनपुर में दलितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया. मायावती लगातार इस मसले पर यूपी की योगी सरकार को घेर रही थीं, मगर चेयरमैन ने उन्हें समय पूरा होने की दलील देते हुए बैठने का आग्रह किया. बार बार बोलने की परमीशन मांगने के बाद भी उन्हें बोलने का वक्त नहीं दिया गया, जिससे नाराज होकर मायावती भड़क उठीं और सदन से इस्तीफा देने की धमकी देकर वॉकआउट कर गईं.

मायावती ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर उन्हें बोलने के लिए सिर्फ तीन मिनट ही दिये गये। आखिर सहारनपुर में जो कुछ हो रहा है वो सब उन्हें क्यों नहीं बताने दिया जा रहा. मायावती के इस तेवर को देख सरकार की ओर से मुख्तार अब्बास नकवी खड़े हुए.

नकवी ने कहा कि माया सियासी हताशा में उपसभापति पर हमला कर रही हैं और सीधे-सीधे धमकी दे रही हैं जो बिल्कुल सही नहीं है. नकवी ने कहा कि माया किसी समाज की बात नहीं रख रहीं बल्कि सिर्फ सियासत कर रही हैं.

दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद ने मायावती का समर्थन किया और उनके समर्थन में पार्टी के सभी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

बसपा सुप्रीमो मायावती के इस्तीफे की प्रति:

SHARE