प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या के बाद खुद को भी मारी गोली, शादी के लिए राजी नहीं हुए थे घरवाले

विवाहित प्रेमिका से शादी की जिद पर अड़े एक युवक ने घर वालों के इंकार के बाद मंगलवार को प्रेमिका समेत खुद को गोली से उड़ा लिया। दोनो की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनो के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। गोंडा पुलिस अधीक्षक ने घटना स्थल का जायजा लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहींख् पुलिस ने हत्या-आत्महत्या का मामला दर्ज किया है।

बताया जाता है कि कोतवाली कर्नलगंज क्षेत्र के गाडी बाजार निवासी नाथूराम दीक्षित काफी समय से चंडीगढ़ में रहकर मजदूरी करते है। उनकी छह संतानों में चार लड़के व दो लड़कियां हैं। सबसे छोटी मीनू थी। मनकापुर कोतवाली के बैरीपुर रामनाथ के शुक्लपुरवा गांव निवासी के बेटे दीपक पांडेय से उसको प्यार हो गया। दोनों रिस्ते में मौसेरे भाई-बहन थे। मंगलवार को घटना उस समय हुई जब सोनू (मृतका का भाई) अपने बहन को वापस चंडीगढ़ ले जाने की तैयारी कर रहा था। बैरीपुर रामनाथ गांव के मजरे शुकुलपुरवा के रहने वाले सुभाषचंद्र पांडेय की तीन बेटियां व एक बेटा था। घर का इकलौता चिराग होने के नाते दीपक को लोग बेहद प्यार करते थे। दीपक मनकापुर के अशरफपुर स्थित राजा रघुराज सिंह महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। मीनू से संबंधों को लेकर घर वाले उसे लगातार समझाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन वह मानने को तैयार नही था। मंगलवार को दीपक की मौत के बाद सुभाषचंद्र पांडेय के परिवार का चिराग बुझ गया। दीपक की मौत से उसकी मां बेहोश हो गई। उन्हें इलाज के लिए सीएचसी मनकापुर में भर्ती कराया गया है।

बताया जाता है कि दीपक कुंआरा था और मीनू का विवाह बलरामपुर निवासी राहुल के साथ हुआ था, लेकिन वह खुश नही थी। मृतका मीनू अपने चंडीगढ़ मायके से बीते 21सितम्बर को अचानक लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा खोजबीन के उपरांत 25 सितम्बर को मनी बाजार पुलिस स्टेशन (चंडीगढ़) गुमशुदगी दर्ज की थी, लेकिन पहली अक्टूबर को मौसी ने फोन कॉल करके मीनू के ठिकाने की जानकारी परिजनों को दी। मीनू का भाई सोनू उस को लेने 2 अक्टूबर को बैरीपुर रामनाथ पहुंचा था। इसके पूर्व फोन पर मीनू के मिलने की सूचना भाई ने बलरामपुर (ससुराल) जनो को दी, जहां से मीनू का पति जीजा सोमवार को बैरीपुररामनाथ आया और बलरामपुर चलने की बात कही। इसके बाद मीनू बैचैन हो गई। मंगलवार को भाई-बहन के पवित्र रिस्ते का हवाला देकर भाई सोनू चंडीगढ़ चलने की सिफारिश किया कि आचानक घटना घट गई, जिससे दोनों परिवारों पर पहाड़ टूट पड़ा।

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