हम औरतें सुरक्षित नहीं, मर्द रेप करते ही रहेंगे बशर्ते… : तसलीमा नसरीन

बांग्ला लेखिका तसलीमा नसरीन ने ट्विटर पर महिलाओं के संग होने वाले अपराध, बलात्कार और हिंसा  को लेकर करारा व्यंग्य किया है। तसलीमा नसरीन ने सोमवार (11 सितंबर) रात को ट्वीट किया, “हम औरतें और बच्चे मर्दं की दुनिया में सुरक्षित नहीं हैं। मर्द तब तक हमें मारते रहेंगे और हमारा बलात्कार करते रहेंगे जब तक वो मर्द रहेंगे। उन्हें इंसान बनने की जरूरत है।” तसलीमा नसरीन ने गुड़गांव के रेयान स्कूल में एक सात साल के बच्चे की हत्या के बाद ये ट्वीट किए हैं। तसलीमा ने इससे पहले ट्वीट किया था, “अगर घर और स्कूल सुरक्षित नहीं हैं तो बच्चों के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं है।” एक अन्य ट्वीट में तसलीमा ने कहा, “महिलाओं को मर्दों के सम्मान की जरूरत नहीं है। मर्द महिलाओं को अपना समान इंसान समझें। हम बस यही चाहते हैं।” हालांकि तसलीमा के ट्वीट पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सभी पुरुषों को एक समान बताते की कोशिश सही नहीं है। वहीं बहुत से लोगों ने तसलीमा का समर्थन भी किया है। कुछ यूजर्स ने तसलीमा पर मामले को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का भी आरोप लगाया है।

25 अगस्त 1965 में बांग्लादेश (तब पाकिस्तान) में जन्मीं तसलीमा नसरीन पेशे से डॉक्टर हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर लिखे उनके उपन्यास लज्जा के 1993 में प्रकाशन के बाद उन्हें मुस्लिम कट्टरपंथियों से जान से मारने की धमकी मिलने लगी। 1994 से ही वो बांग्लादेश से बाहर निर्वासित जीवन जी रही हैं। निर्वासन के दौरान करीब एक दशक तक वो यूरोप और अमेरिका में रहीं। साल 2004 में वो कोलकाता में रहने आईं। उनकी आत्मकथा पर मुस्लिम कट्टरपंथियों के ऐतराज के बाद उन्हें कोलकाता छोड़ना पड़ा। उसके बाद वो कुछ सालों तक दोबारा स्वीडन और अमेरिका में रहने के बाद भारत लौट आईं और अभी दिल्ली में किसी अज्ञात स्थान पर रहती हैं। तसलीमा भारत सरकार से स्थायी नागरिकता की मांग कर चुकी हैं।

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