दिल्ली में सड़क पर घंटो पड़े रहे शव को रौंदते रहे वाहन

राजधानी दिल्ली की सड़क पर बुधवार रात इंसानियत के दो चेहरे दिखे। पहला चेहरा संवेदनहीनता का, जिसमें सड़क पर पड़े एक युवक के शव को वाहन घंटों रौंदते रहे लेकिन किसी ने पलभर के लिए भी रुकने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, दूसरा चेहरा संवेदनशीलता का दिखा जिसमें एक कैब चालक ने जान पर खेलकर वाहनों को रोका और पुलिस को हादसे की जानकारी दी।
घटना मुकरबा चौक से करनाल जाने वाली सड़क की है। यहां सड़क पार कर रहे युवक को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। युवक सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक फरार हो गया। लेकिन सड़क पर पड़े युवक के शरीर के ऊपर से एक के बाद एक कई वाहन गुजर गए। इस दौरान किसी ने यह भी नहीं सोचा कि जमीन पर पड़ा शख्स जिंदा है भी या नहीं। हादसे के बाद करीब 20 से 25 वाहन युवक के शव को रौंद चुके थे। इससे सड़क पर मांस के लोथड़े बिखर गए।
कैब चालक ने इंसानियत दिखाई, वाहनों को रोका
तभी वहां से जा रहे ओला कैब चालक मोहम्मद उमर की नजर उस शव पर पड़ी तो उसने अपनी कार रोक दी। इसके बाद तो उसे माजरा समझते देर नहीं लगी कि कोई हादसा हुआ है। लगातार गुजर रहे वाहनों के बीच किसी की हिम्मत नहीं हो पा रही थी कि वह सड़क पर पड़े उस शव के पास पहुंच सके। लेकिन उमर ने हिम्मत दिखाई और जान पर खेलकर मोबाइल की टॉर्च जलाकर गुजर रही गाड़ियों को धीमा किया। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के बीच से होते हुए उमर शव के पास पहुंच गए। कैब चालक ने मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस के शव के बिखरे हुए हिस्सों को पहले समेटा फिर कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

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