1028 और दरोगाओं की भर्ती का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में व्हाइटनर का इस्तेमाल करने वाले 1028 लोगों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया।
सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी को राहत देते हुए दो हफ्ते में इनकी ट्रेनिंग शुरू करने का निर्देश दिया है। गत एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा में सफल रहे 3533 अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग देने के लिए कहा था।

न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने बुधवार को दरोगा भर्ती परीक्षा में व्हाइटनर का इस्तेमाल करने के कारण मेरिट लिस्ट से हटाए गए लोगों को बड़ी राहत देते हुए दो हफ्ते बाद उनकी ट्रेनिंग शुरू करने का आदेश दिया है ।

3533 दरोगाओं की ट्रेनिंग 28 अगस्त को खत्म होने के बाद इन 1028 दरोगा की ट्रेनिंग शुरू होगी। इनमे सें 833 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने व्हाइटनर का इस्तेमाल किया था।

इसके अलावा 195 अन्य सफल उम्मीद्दारों की भी ट्रेनिंग होगी जिन्हें नवंबर, 2016 में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। लेकिन उनकी ट्रेनिंग पूरी नहीं हो पाई थी। ये वह छात्र थे जिनका चयन सामान्य वर्ग में हुआ था।

जानकारी के मुताबिक, दरोगा भर्ती परीक्षा में पास हुए इन लोगों पर व्हाइटनर के इस्तेमाल का आरोप लगाने के बाद उनके नाम मेरिट लिस्ट से हटा दिए गए थे। इसके बाद इन लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

लेकिन वहां से राहत न मिलने पर सभी सुप्रीम कोर्ट चले गए। इनकी दलील थी कि परीक्षा में व्हाइटनर के इस्तेमाल न करने को लेकर कोई एडवाइजरी नहीं थी। ऐसे में व्हाइटनर के इस्तेमाल करने पर उन्हें सजा देना अनुचित है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से इन सभी को दरोगा की ट्रेनिंग कराने का निर्देश दिया है।

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