जॉब सिक्योरिटी नहीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दी कूदकर जान

पुणे में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने गुरुवार को एक होटल की बिल्डिंग से कूदकर अपनी जान दे दी. कमरे में मिले सुसाइड नोट में मृतक इंजीनियर ने आईटी क्षेत्र में जॉब सिक्योरिटी नहीं होने की वजह से सुसाइड करने का कारण बताया.कर्ज के बोझ तले दबे होने के कारण देश भर में किसान मौत को गले लगा रहे हैं. इस बार एक इंजीनियर ने महज इसलिए सुसाइड कर ली क्योंकि उसके फील्ड में जॉब सिक्योरिटी नहीं थी.

पुणे के विमानगर इलाके स्थित एक होटल के चौथी मंजिल से गुरुप्रसाद ने छलांग लगाकर कर आत्महत्या ली. आत्महत्या करने से पहले गुरुप्रसाद ने अपनी कलाई काटने की भी कोशिश की थी. गुरुप्रसाद इससे पहले दिल्ली और हैदराबाद में भी नौकरी कर चुका था. मौके से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया.सुसाइड नोट में गुरु ने लिखा, ‘आईटी में कोई जॉब सिक्योरिटी नहीं है. मुझे अपने परिवार को लेकर चिंता होती है.’ पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है. पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है.मृतक इंजीनियर का नाम गोपीकृष्ण गुरुप्रसाद (25) था. गुरुप्रसाद आंध्र प्रदेश का रहने वाला था. तीन दिन पहले ही उसने पुणे में नई कंपनी जॉइन की थी.

पुणे के विमानगर इलाके स्थित एक होटल के चौथी मंजिल से गुरुप्रसाद ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या करने से पहले गुरुप्रसाद ने अपनी कलाई काटने की भी कोशिश की थी. गुरुप्रसाद इससे पहले दिल्ली और हैदराबाद में भी नौकरी कर चुका था. मौके से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया.

सुसाइड नोट में गुरु ने लिखा, ‘आईटी में कोई जॉब सिक्योरिटी नहीं है. मुझे अपने परिवार को लेकर चिंता होती है.’ पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है. पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है.

गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से आईटी सेक्टर में छाई मंदी को लेकर इस प्रोफेशन से जुड़े लोग अपने करियर को लेकर चिंतित हैं. आईटी कंपनियां लगातार छंटनी कर रही हैं, जिस वजह से आईटी प्रोफेशनल्स को कोई और रास्ता नजर नहीं आ रहा है. बीते महीनों आई एक खबर के मुताबिक, इन्फोसिस कई कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वाली थी. इससे पहले भी दूसरी कंपनियां जैसे विप्रो, टीसीएस और कॉगनिजेंट भी अपने यहां कर्मियों की छंटनी कर चुकी हैं.

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